मीडिया अब कहने लगी है कि गो तस्करों को पुलिस का शह! 

मीडिया

मीडिया अब कहने लगी है कि गो तस्करों को पुलिस का शह  प्राप्त है  अख्लाक, फिर अबू हनिफ़ा, फिर आर. सूरज, फिर अलीमुदीन अंसारी, जुनैद, पहलू ख़ान से लेकर न जाने कितने और! 2017 के साल के पहले 6 महीने में क़रीब 20 गौरक्षा से सम्बन्धित हमलों की रिपोर्टें सामने आयी, जो 2016 के साल … Read more

सरयू राय द्वारा पर्यावरण पर लिखा गया ख़त केवल मगरमच्छ के आँसू भर है

सरयू राय

सरयू राय जी पर्यावरण पर पत्र लिखकर आखिर क्या जाताना चाहते हैं? बताने की ज़रूरत नहीं है कि पर्यावरण के विनाश का नुकसान सबसे ज्यादा ग़रीब आम जनता को ही उठाना पड़ता है। 12-14 घण्टे रोज़ खटते हुए प्रदूषित हवा से लेकर प्रदूषित भूजल का सीधे उपयोग करते हुए, बीमारी तक ग़रीब जनता ही झेलती … Read more

भीड़ की आड़ में आदिवासियों को निशाना बनाया जा रहा है

भीड़ तंत्र

भीड़ तंत्र के रूप में समाज में बढ़ती हिंसा का सामाजिक संरचना से क्या रिश्ता है? दार्शनिक-वैचारिक स्तर पर हिंसा रक्तपात का समानार्थी शब्द नहीं है। पुराण कथाओं में भी तपस्या, वैराग्य और हृदय-परिवर्तन के प्रसंग केवल व्यक्तिगत मुक्ति के संदर्भ में ही आते हैं। सामाजिक स्तर पर न्याय-अन्याय के बीच के फैसले निर्णायक हिंसात्मक … Read more

झारखंडी जनता में हाहाकार ,फिर भी रघुबर को अहंकार

झारखंडी जनता

झारखंडी जनता पस्त मुख्मंत्री रघुबर दास अहंकार में मस्त झारखंड राज्य के मुखिया रघुबर दास जहाँ एक तरफ लोकसभा चुनाव के नतीजे से इतने अहंकारी हो गए हैं कि मीडिया के समक्ष ताल ठोकने से नहीं चूक रहे हैं कि, वे भले इस राज्य में जनता के लिए कुछ भी क्यों न करे लेकिन फिर … Read more

झारखंड बना “झा” खंड  -रामदेव विश्वबंधु (सामजिक कार्यकर्ता सह चिन्तक)

झा -खंड

भाजपा ने झारखंड को “झा” खंड बना दिया  एक लम्बे संघर्ष व शहादत के बाद अलग झारखण्ड राज्य का निर्माण हुआ। 15 नवम्बर, 2000, अमर स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा के जन्म दिन को झारखंड राज्य देश के 28 वे राज्य के रूप में भारत के मानचित्र पर अवस्थित हुआ। झारखण्ड के शहीदों का अरमान था … Read more

विविधता _ओं से भरे देश को धर्म के आड़ में छीन-भिन्न करने का प्रयास

विविधता

भारत एक साझी संस्कृति सहेजने वाला देश है, इस देश की विविधता इसकी कमज़ोरी है तो ताकत भी -विभिन्न जाति, उपजाति, धर्म-संस्कृति, भाषा समुदाय, पंथों आदि को संजोये रखने वाला देश है। इन ठोस तथ्यों के बीच हमारे देश के कुछ सांप्रदायिक संगठन देश की इस सामुदायिकता व विविधता को शाजिशाना तौर पर ख़त्म कर … Read more