ईंट-भट्ठों में ग़ुलामों की जिन्दगी जीने को मजबूर हैं झारखण्ड-बिहार के मज़दूर

ईंट-भट्ठों

झारखण्ड-बिहार के लोग हरियाणा के ईंट-भट्ठों में बंधुआ मजदूर बँधुआ मज़दूरी कहने को तो देश से समाप्त हो चुका है, लेकिन देश के कई हिस्सों में अब भी ईंट-भट्ठों, धनी किसानों के खेत व कारख़ानों में झारखण्ड-बिहार के हज़ारों लोग महज पेट की आग बुझाने के लिए बंधुआ मजदूरी करने को मजबूर हैं। कई जगहों … Read more

‘ लेबर चौक ’ हैं झारखण्ड के या पशुओं का मेला

लेबर चौक

आमतौर पर झारखण्ड के किसी शहर में इस प्रकार का कोई नामित चौक नहीं होता। फिर भी इस राज्य के हर प्रमुख चौक को सुबह 6 बजे से 8 बजे तक  ‘ लेबर चौक ’ कहा जाता हैं। यहाँ कई किस्म के मज़दूर जमा होते हैं। राजमिस्त्री, पुताई मिस्त्री, सेटरिंग मिस्त्री, बेलदार, पल्लेदार, प्लम्बर आदि। … Read more