स्वायत्त संस्थाएँ जब सत्ता के लिए काम करती हैं तब शुरू होती है लोकतंत्र की लिंचिंग
सत्ता के इशारों पर नाचते स्वायत्त संस्थाएँ “लोग कहते हैं आंदोलन, प्रदर्शन और जुलूस निकालने से क्या होता है…? इससे यह सिद्ध होता है कि हम जीवित हैं, अटल हैं और मैदान से हटे नहीं हैं। हमें अपनी हार ना मानने वाले स्वाभिमान का प्रमाण देना था। हमें ये दिखाना है कि गोलियों और अत्याचारों … Read more