पाकिस्तान के क़ायदे आज़म, संघियों के फ़ायदे आज़म!
सतनारायन पांडे देश में जब भी बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार जैसे बुनियादी मुद्दे उभरने लगते हैं, भाजपा खुद को बैकफुट पर पाती है और वो कोई छोटा सा बेतुका मुद्दा उठा देते हैं। उसके बाद पूरे देश की राजनीति में हिंदू मुस्लिम की बात होने लगती है। देश की सारी एजेंसिया भी गुड़ में लगे … Read more
चोर मचाये शोर, झारखण्ड में फिर रघुवर के बिगड़े बोल!
झारखण्ड के रांची में रविवार को आंधी-तूफ़ान के थमने के उपरान्त रघुवर सरकार जहाँ शहर में 24 घंटे से बिजली उपलब्ध नहीं करा पायी है वहीँ इस प्रदेश के सिल्ली और गोमिया के क्षेत्रों में हो रहे उपचुनावों के प्रचार के क्रम में मुख्यमंत्री रघुवार दास अपने मस्तिष्क और मर्यादा को भूलते हुए अपने … Read more
उपचुनाव जीतने के लिए आजसू और भाजपा अब गुंडागर्दी और दबंगई पर उतरी!
डॉ रामानंद महतो झारखण्ड में हो रहे सिल्ली और गोमिया उपचुनाव की रिपोर्ट पर नजर डालने से पहले जान लेते हैं कि कर्नाटक में 18 मई के दिन क्या हलचल रही। 19 मई को होने वाले महत्वपूर्ण शक्ति परीक्षण से पहले राज्यपाल वजुभाई वाला द्वारा के.जी. बोपैया को विधानसभा का अस्थाई अध्यक्ष नियुक्त करने … Read more
झारखंड के इस लाल के शहीद… मोदी है जिम्मेदार !
गिरीश मालवीय विपक्ष के अनुसार, कर्नाटक में 17 मई को राज्यपाल ने संदेहास्पद तरीके से अधिक सीटें जितने के आड़ में जिस प्रकार भाजपा को सरकार बनाने की अनुमति दी है ठीक उसी के तर्ज पर कांग्रेस–राजद ने भी बिहार, गोवा, मणिपुर, मेघालय, में सरकार बनाने का मौका मांग एक नयी संविधानिक लड़ाई का … Read more
SC/ST जैसे जनहितों में बने कानून को क्यों ख़त्म करना चाहती है सुप्रीम कोर्ट?
सत्यनारायण न्यारपालिका जब किसी अत्यन्त महत्वपूर्ण मुद्दे पर निर्णय सुनाती है तो उसके राजनीतिक-आर्थिक-सामाजिक कारण समझना बेहद ज़रूरी हो जाता है। बीती 20 मार्च को सुप्रीम कोर्ट द्वारा एससी/एसटी एक्ट पर भी एक ऐसा ही फ़ैसला सुनाया गया। सुप्रीम कोर्ट ने एक केस की सुनवाई के दौरान कहा कि एससी/एसटी एक्ट का दुरुपयोग होता … Read more
हम अब और तमाशबीन नहीं बने रह सकते!
वैसे तो झारखण्ड में हर रोज़ ही हम ऐसी घटनाओं के गवाह बनते हैं जो रघुवर सरकार की सच्चाई को हमारी ऑंखों के सामने उजागर करती हैं, लेकिन पिछले कुछ महीनों के दौरान प्रदेश के पैमाने पर रघुराज व्यवस्था जिस कदर नंगी हुई है, उसे बताने के लिए अब रंग-छन्द की ज़रूरत नहीं रह गयी है। आज … Read more