क्या जनता के अधिकारों का हनन ही विकास है?
भाजपा सरकार के मंत्री एवं उसकी गोदी मीडिया लगातार देश के बढ़ते विकास की ढोल पीटते रहती है। जबकि कई दफा इनके फर्जी आँकड़ों की पोल खुल चुकी है और प्रकाशित विभिन्न रिपोर्टों से यह लगातार पता चल रहा है कि देश की अर्थव्यवस्था गहरे संकट के भंवर में फंसी है। नये रोज़गार पैदा … Read more
नीति आयोग ने खोली रघुवर सरकार की पोल!
झारखंड प्रदेश में आबादी की गुणात्मक वृधी देखी जा रही है। यह प्रदेश साल में पूरे सात महीने भीषण पेयजल संकट से गुजरता है। बढ़ते शहरों की माँग को पूरा करने के लिये यहाँ की भूमि का जलादोहन परत-दर-परत अविवेकपूर्ण तरीके से बढ़ता ही जा रहा है। 800 से 1200 फीट तक गेहरी नलकूपों … Read more
भूमि अधिग्रहण बिल के खिलाफ महा आन्दोलन का आगाज!
किसानों एवं विपक्ष के गुस्से और भारी विरोध के बावजूद आखिरकार रघुवर सरकार द्वारा प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण बिल पर राष्ट्रपति ने हस्ताक्षर कर मंजूरी दे ही दी। इस विधेयक को कानून में तब्दील होने के लिए अब मात्र इसे कुछ औपचारिकताओं से ही गुजरना है। इस विधेयक का कानून बनने के बाद झारखंड सरकार … Read more
क्यों वन अधिकार क़ानून 2006 बीजेपी को खटक रहा है?
आज भारत के झारखण्ड जैसे कई वन क्षेत्रों में लोग लोकतंत्र, आजीविका और गरिमा के लिए लगातार लड़ाई लड़ रहे हैं। अनुसूचित जनजाति के साथ-साथ कई अन्य पारम्परिक वनवासियों के संघर्ष में (वन अधिकारों को मान्यता) कानून, 2006 एक महत्वपूर्ण हथियार है या यूँ कहें यह कानून ब्रह्मास्त्र ही है। इस कानून की आवयश्कता … Read more
बीजेपी और अडानी की यारी में पिसती बेचारी झारखंडी जनता !!!
झारखण्ड में रघुवर सरकार से गोड्डा के भोले-भाले आदिवासी एवं मूलवासी बहुत डरे हुए हैं, वे सोच रहे हैं कि यदि उनकी जमीन छिन गई तो वे क्या करेंगे कहाँ जायेंगे? उनकी अधिकांश ज़मीनें उपजाऊ एवं बहुफसली हैं। ये जमीन ही तो आदिवासियों की जीवन, संस्कृति की पहचान है। मशीनों से आधी दुनिया का बदन … Read more
क्या वालमार्ट का फ़्लिपकार्ट को खरीदने का सच जानना चाहेंगे?
वालमार्ट और अमेज़न के बीच लम्बी प्रतिद्वन्द्विता के बाद आखि़रकार वालमार्ट ने फ़्लिपकार्ट को खरीद ही लिया। वालमार्ट ने पूरी कम्पनी का मूल्य 21 अरब डॉलर आँकते हुए इसके 77% शेयर 16 अरब डॉलर में ख़रीद ली। अगर हम इस खेल को तकनीकी तौर पर देखें तो जो कम्पनी बिकी है, वह भारत में पंजीकृत … Read more