सदान व मूलवासियों को उनके अधिकार दिलाएंगे हेमत सोरेन
छोटा नागपुर और और उसके आसपास के क्षेत्र, ऐतिहासिक रूप से झारखंड के नाम से जाना जाता है। इस क्षेत्र के मूलवासी, जो आदिवासी नहीं हैं, वे ‘सदान’ कहलाते हैं। झारखंड में अनुसूचित जनजातियों या आदिवासियों के बाद शेष विभिन्न जातियां व समुदाय, जो ज्यादातर आदिवासियों के गाँवों में रहते हैं, इन्हें ही आमतौर पर … Read more