मंदी का बोझ सरकार में चालान के रूप में अब आम लोगों कंधे पर डाला
नोटबन्दी व जीएसटी उत्पन्न मंदी का सबसे अधिक असर असंगठित क्षेत्र के मज़दूरों को झेलना पड़ा है, शहरों के कारख़ानों से बड़ी संख्या में मज़दूरों की छँटनी हुई है। उत्पादन कम होने से जो काम पहले शिफ्टों में होता था, वह अब केवल एक शिफ़्ट में, कहीं कहीं तो वह भी नहीं चल रहा है। … Read more