झारखण्ड में हेमन्त सोरेन के कार्यकाल में क्षेत्रीय भाषाएं ले रही है नयी अंगड़ाई
झारखण्ड एक जनजातीय बहुल राज्य है. यहां बसने वाले 32 जनजातीयों की अपनी भाषाएं है. इसके अलावा राज्य में कई क्षेत्रीय भाषाएं नागपुरी, पंचपरगनिया, कुरमाली व खोरठा भाषा भी अपने अस्तित्व के साथ मौजूद है. लेकिन भाषाओं के संरक्षण के मद्देनजर पूर्ववर्ती सरकारों की अनदेखी त्रासदीय सच रही है. भाजपा के 5 वर्ष के शासन … Read more