झारखण्ड : जनजातीय समुदाय की मिटती पहचान को बचाने में हेमन्त के कुशल कदम
झारखण्ड : जनजातीय समुदाय की मिटती पहचान को बचाने के प्रयास में न केवल झामुमो विचारधारा की दृढ़ इच्छाशक्ति, एक आदिवासी मुख्यमंत्री के भीतर निहित सामाजिक संघर्ष कुशलता से आगे बढ़ता भी दिखता है… रांची। देश में हिन्दू राष्ट्र की परिकल्पना के बीच हासिए पर खड़े आदिवासी, दलित, पिछड़ों व गरीब वर्ग की पहचान को … Read more
जनजातीय महोत्सव 2022 : देश को जनजातीय परंपरा से घुलने-मिलने का मौका देगा
मुख्यमंत्री : “झारखण्ड जनजातीय महोत्सव” का भव्य आयोजन राज्य के लिए गौरव की बात है। जनजातीय समुदाय के कई अनछुए ऐतिहासिक पन्ने तक प्रकाश पहुंचेगा। जनजातीय समाज के आवाज को देश के पटल पर मंच मिलेगा। रांची : झारखण्ड गठन के बाद राज्य में पहला मौका है जब 9-10 अगस्त 2022 को “झारखण्ड जनजातीय महोत्सव” … Read more
झारखण्ड (OBC) : ओबीसी वर्ग के कल्याण में हेमन्त सरकार का ईमानदार प्रयास
झारखण्ड : सरकारी नौकरियों में एसटी-एससी व ओबीसी की संख्या 15 गुना बढाने के लिए प्राप्तांक से 8% नीचे जाने की कट ऑफ शर्त हुआ है समाप्त. पिछड़ों के आरक्षण के पक्ष में सरकार. ओबीसी वर्ग के बच्चे बच्चे भी सरकारी खर्च पर लेंगे विदेश में उच्च शिक्षा. रांची : हेमन्त सरकार में पिछड़े अर्थात … Read more
झारखण्ड : प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में भाजपा केन्द्रीय जनजाति अध्यक्ष को मंच पर नहीं मिली जगह
झारखण्ड : मौकापरस्ती व शोर्टकट राजनीति के अक्स में, प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में भाजपा केन्द्रीय जनजाति अध्यक्ष समीर उरांव जैसे आदिवासी चेहरे को मंच पर जगह नहीं मिलना आदवासी समुदाय के सम्मान से खिलवाड़. देवघर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देवघर से झारखण्ड को 16800 करोड़ की सौगात दी. इस अवसर पर उन्होंने मंच से … Read more
झारखण्ड : हेमन्त सरकार की नीतियां साबित हो रहा है आदिवासी-बहुजन-गरीब हित का पर्याय
झारखण्ड के इतिहास में भाजपा शासन के लम्बे दौर में आदिवासी संघर्ष के सच के बीच हेमन्त सरकार की नीतियां आदिवासी-बहुजन समेत सभी गरीब वर्ग के हित का पर्याय के रूप में सामने उभरा है. रांची : आदिवासी समाज का सामाजिक, आर्थिक व सांस्कृतिक जीवन जल, जंगल और ज़मीन के इर्द-गिर्द रचाता-बसता है. आदिवासी इतिहास … Read more
झारखण्ड : सत्ता पर बैठे बहुजन विचार को रोकने हेतु ख़ास आइडियोलॉजी द्वारा थोपा गया है मांडर उपचुनाव
झारखण्ड : हीरा! चोरों को विदेश में संरक्षण और बहुजन आवाज को जेल. बहुजन मुखिया को खान लीज से तब जोड़ा गया जब उसके पास नहीं थी लिज. बात नहीं बनी तो जजिया कर माफ़ी जैसे इतिहास के अक्स में निजाम मैत्री द्वारा राज्य को सांप्रदायिक आग में झोंकने का हुआ प्रयास. राँची : वर्तमान … Read more