जनता के पैसे से खड़े रेल संसाधनों से निजी पूँजीपति मुनाफ़ा बटोरेंगे 

जनता के पैसे पर खड़े संसाधनों पर मौज उड़ाते पूंजीपति

जनता के पैसे पर खड़े संसाधनों पर मौज उड़ाते पूंजीपति निजीकरण के दृष्टिकोण से भाजपा सरकार द्वारा अब अपनी कुदृष्टि रेलवे पर बुलेट ट्रेन की गति से दौड़ा दिया गया है। हालांकि किश्तों में तो रेलवे का निजीकरण का दौर पहले ही शुरू हो चुका था, पर इस कार्यकाल में उसे और तेज़ कर दिया … Read more

गोल घूमता लोकतंत्र… ! महज 70 बरस में

गोल गोल घूमता लोकतंत्र

गोल गोल घूमता लोकतंत्र… 1947, देश आजाद हुआ था। नयी नवेली सरकार, प्रधानमंत्री नेहरू और गृहमंत्री सरदार पटेल देशी रियासतों को आज़ाद व एक भारत का हिस्सा बनाने के लिए जद्दोजहद कर रहे थे। तकरीबन 562 रियासतों को साम दाम दंड भेद की नीति से एक भारत बनाने के प्रयास में थे, क्योंकि देश की … Read more