साहूकार है हम! साहू जाति के झारखण्ड में होने के मायने

साहूकार प्रथा

झारखंड के जाति व्यवस्था की इतिहास पर प्रकाश डालने पर पता चलता है कि, जाति व्यवस्था राज्य की विशिष्ट सामाजिक-आर्थिक और राजनीतिक परिस्थितयों की देन है। प्राचीन इतिहासकार डी.डी. कोसाम्बी, आर.एस. शर्मा, रोमिला थापर, सुवीरा जायसवाल आदि की जाति व्यवस्था सम्बन्धित व्याख्याओं और मान्यताओं को पढने से पता चलता है कि हरेक शासक वर्ग व … Read more