क्या भारत में लोकतंत्र का भी निजीकरण हो गया है?

व्यवस्था

कांग्रेस के नरसिम्हा राव सरकार 1990 -91 में अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के नाम पर देश में पहली बार उदारीकरण और निजी की शुरुआत की। देशी-विदेशी पूँजी प्रवाह के लिए हजारों पूँजीपतियों को देश में उद्योग लगाने के लिए आमंत्रित किया गया। इसका कुछ पॉजिटिव परिणाम भी हुआ और औद्योगिक रूप से देश को … Read more