वीर सावरकर नहीं जो डर जाऊं, मैं स्वतंत्र हूँ, क्योंंकि मैं दैनिक भास्कर हूँ …

मैं दैनिक भास्कर हूँ

‘दैनिक भास्कर’ पढने वाले कुछ महीनों से चकित जरुर होंगे. भास्कर पत्रकारिता पथ पर लौटते हुए सिलसिलेवार तौर पर ख़बरें खोजने लगा था. गंगा तीर पर दफनाई शवों की तस्वीरे दहलाने वाली थी. सुस्त टीकाकरण पर विस्तृत रिपोर्टिंग सीधे तौर पर भाजपा के केंद्र सरकार पर निशाना साध रहे थें. उसी ने राजस्थान की गहलोत … Read more