टीआरपी घोटाला : लोकतंत्र का चौथे खम्भे मीडिया ने अपनी विश्वसनीयता खोयी
टीआरपी घोटाला से भाजपा सत्ता व मीडिया -लोकतंत्र का चौथे खम्भे के सम्बन्ध का सच आया सामने इससे इनकार नहीं कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा खम्भा है, लेकिन जब लोकतंत्र जनसमुदाय के ख़ून-पसीने की कमाई को हड़प कर ही अस्तित्वमान रहना चाहे और खुद के ख़िलाफ़ उठने वाले हर जनवादी आवाज़ को कुचलने पर आमादा … Read more