केन्द्रीय बजट – गरीब अब चंदा करना शुरू करें, देश अब चुनाव से नहीं सिक्कों से बचेगा!
क्योंकि पार्लियामेंट विक्रेता केंद्र बन चूका है। क्योंकि देश में पूंजीपति ही अब राष्ट्रभक्त हो सकता है – यदि आपके पास पूँजी है तभी आप देशभक्त हो सकते हैं – केन्द्रीय बजट साफ़ तौर से यही बताता है …सौगंध मुझे है इस मिट्टी की, देश नहीं बिकने दूँगा… के बीच आम बजट जब ऐसी परिस्थिति उत्पन्न … Read more