निर्मल दा (निर्मल महतो) तुम बहुत याद आये…

निर्मल दा

अंत में बस इतना ही कहना चाहता हूँ कि यह निर्मल दा जैसे नेताओं का अथक प्रयास का परिणाम था कि 15 नवंबर 2000 को झारखण्ड अलग राज्य बना, लेकिन आज एक सवाल हर झारखंडी के मन में है कि “क्या वाकई निर्मल दा के सपनों का झारखण्ड बना है?

झारखण्ड उपचुनावों में हेमंत सोरेन की धूम

Hemant Soren

सिल्ली और गोमिया विधानसभा उप चुनाव की तारीख की घोषणा होने के साथ ही झारखण्ड राज्य में एक बार फिर चुनावी सरगर्मी बढ़ गई है। झारखंड की इन दोनों सीटों पर 28 मई को चुनाव होंगे। सिल्ली के करीब दो लाख और गोमिया के तक़रीबन तीन लाख मतदाता अपना नया जनप्रतिनिधि चुनेंगे। झामुमो के कब्जे … Read more