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केंद्रीय सत्ता के लिए आरक्षण के मायने नहीं तो कोयला-लोहा भी नहीं 

आरक्षण

केंद्रीय सत्ता सरकारी संस्थानों को बेच आरक्षण ख़त्म करना छाती है केंद्रीय सत्ता द्वारा जनता के कमाई पर खड़ी सरकारी संस्थाओं को बेचने के फैसले ने, देश के ग़रीब जनता व राज्यों के समक्ष आरक्षण को लेकर दसियो सवाल खडे कर दिये है। बुद्धिजिवियों का मानना है कि, संविधान की …

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अवाम के हित में फैसले लेती हेमंत सत्ता

अवाम

अवाम के हित में लगार फैसले लेती हेमंत सत्ता ने झारखंड में नयी परंपरा का शुरुआत कर दी है अलग झारखंड के इतिहास में अधिकांश राज करने वाली सत्ता किसानों के मशीहा बनने का ढोंग रचती तो रही, लेकिन किसान अपने दुर्भाग्य पर रोते रहे। यकीनन झारखंड के बीते चुनाव …

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नक्सलवाद से लड़ाई लड़ रहे आदिवासियों को विश्विद्यालय क्यों नहीं मिला

विश्वविद्यालय

नक्सलवाद से लड़ाई लड़ रहे आदिवासियों को विश्विद्यालय क्यों महरूम रखा गया   मनुस्मृति को दरकिनार कर कौटिल्य अर्थशास्त्र की राह अपना चुकी केन्द्रीय सत्ता देश को उस मुहाने पर ला खड़ी की है, जहाँ वह देश चलाने के नाम पर अपनी ठाठशाही खर्चे के लिए, जनता की पसीने की …

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