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शिक्षा नीति का लिफाफा है तो चमकदार लेकिन अन्दर वही पुराना माल    

नयी शिक्षा नीति

शिक्षा नीति का बर्तन तो नया है, लेकिन अन्दर कड़वा काढ़ा देश में साहेब के सरकार आने के बाद शिक्षा व्यवस्था में बदलाव के अंतर्गत जिस तरह की बातें हुई, उस माहौल में यदि कोई गीता का “यथा संहरते चायम” (2/58) का यह हवाला देकर कहे कि भगवान कृष्ण चाय …

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सरयू राय द्वारा पर्यावरण पर लिखा गया ख़त केवल मगरमच्छ के आँसू भर है

सरयू राय

सरयू राय जी पर्यावरण पर पत्र लिखकर आखिर क्या जाताना चाहते हैं? बताने की ज़रूरत नहीं है कि पर्यावरण के विनाश का नुकसान सबसे ज्यादा ग़रीब आम जनता को ही उठाना पड़ता है। 12-14 घण्टे रोज़ खटते हुए प्रदूषित हवा से लेकर प्रदूषित भूजल का सीधे उपयोग करते हुए, बीमारी …

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भीड़ की आड़ में आदिवासियों को निशाना बनाया जा रहा है

भीड़ तंत्र

भीड़ तंत्र के रूप में समाज में बढ़ती हिंसा का सामाजिक संरचना से क्या रिश्ता है? दार्शनिक-वैचारिक स्तर पर हिंसा रक्तपात का समानार्थी शब्द नहीं है। पुराण कथाओं में भी तपस्या, वैराग्य और हृदय-परिवर्तन के प्रसंग केवल व्यक्तिगत मुक्ति के संदर्भ में ही आते हैं। सामाजिक स्तर पर न्याय-अन्याय के …

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