टाना भगत समुदाय ने मुख्यमंत्री को बतायी थी समस्याएं, दूर करने की दिशा में हेमंत ने बढ़ाया ठोस कदम

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टाना भगतों

रोज़गार के लिए टाना भगत समुदाय को कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के अलावा उनके बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए भी हेमंत सरकार है प्रयासरत

हर साल 2000 रुपये देने की घोषणा व जल्द मिलेगा टाना भगतों 543 आवास 

रांची। मानवता के मूल्यों का सम्मान करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 6 सितम्बर 2020 को राष्ट्रपिता के सिद्धांतों का झारखंड में प्रसार करने वाले,  सिपाही टाना भगतों की गरीमा का मान करते हुए ऐतिहासिक मुलाकात की थी। मुलाकात का मकसद दशकों से आंदोलनरत टाना भगतों के जायज मांगों पर विचार कर दूर करना था। ज्ञात हो कि टाना भक्तों को आश्वासन देने के बाद से ही समाधान की दिशा में मुख्यमंत्री की बैचेनी दिखी। वह प्रयासरत दिखे कि कैसे हिन्द के सच्चे प्रचारकों की जायज मांगों को कल्याणकारी योजनाओं से जोड़कर, उनके कठिन जीवन को आसान बनाया जाए। 

इस कड़ी में हेमन्त सोरेन ने बतौर मुख्यमंत्री, महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर पहला कदम बढ़ाया। टाना भगत अतिथि गृह के उद्घाटन के साथ उनके वस्त्र के लिए 2,000 रुपये की घोषणा, एक गरिमामय व अनूठा पहल माना जा सकता है। साथ ही सरकार जल्द ही इन्हें आवास योजना का लाभ देने जा रही है। ज्ञात हो कि राज्य के टाना भगतों के लिए 543 आवास स्वीकृति किये गये हैं। चतरा, गुमला, सिमडेगा, खूंटी, लोहरदगा, लातेहार, पलामू और रांची जिले के लिए ये आवास स्वीकृत हुए हैं। हेमंत सरकार अन्य कई योजनाओं से टाना भगतों को जोड़ने का प्रयास जारी है। 

अतिथि गृह के साथ वस्त्र के लिए 2,000 रुपये देने की घोषणा 

राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के पुण्यतिथि पर हेमंत सोरेन ने अपने झारखंड के एक महान परम्परा, अहिंसा प्रसारक,  टाना भगत समुदाय को हर वर्ष वस्त्र के लिए 2,000 रुपये सम्मान के रूप में देने की घोषणा, झारखंडी परम्परा को देश-दुनिया से अवगत कराने वाली महान ऐतिहासिक पहल है। साथ ही  राजधानी के बनहोरा में इन महान झारखंडी विभूतियों के वर्तमान टाना भगतों की पीढ़ी के लिए अतिथि गृह का उद्घाटन करना, अहिंसावादी हेमन्त सरकार की विचारधारा की व्यख्याय करती है। 

ज्ञात हो इस अतिथि गृह का निर्माण राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा के अंतर्गत करीब 2.73 करोड़ की लागत से हुआ है। अतिथि गृह में 12 कमरे, 2 हॉल सहित कई आधुनिक सुविधाओं की व्यवस्था की गयी है। इस अतिथि गृह के निर्माण से अब टाना भगत समुदाय के लोगों को ठहरने एवं महात्मा गाँधी के आदर्शों के प्रसार में उन्हें विभिन्न कार्यक्रमों को आयोजित करने में सुविधा प्रदान करेगी। जिसे लोकतंत्र के आदर्शों की मज़बूती-करण में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है। 

तीन कमरों का बनेगा टाना भगत विशेष आवास, अतिरिक्त खर्च उठाएगी हेमंत सरकार 

पूर्ववर्ती भाजपा सरकार में भी आवास की मांग अहिंसक हिन्द के सिपाहियों ने तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास से की थी। लेकिन वादा कर के वह सरकार मुकर गयी, लेकिन हेमंत सोरेन ने मुलाक़ात के 6 माह के भीतर, संकट काल व अल्प संसाधन के दौर में भी इन्हें आवास देने का फैसला किया है। इस बाबत मुख्यमंत्री ने ग्रामीण विकास विभाग को आवास निर्माण की स्वीकृति दी है। ज्ञात हो इस अभियान के तहत  करीब 543 आवास निर्माण किया जाएगा। 

गौर करने वाली बात है कि योजना के तहत जहां केवल 2 कमरों का आवास बनने की स्वीकृति है। लेकिन, इन देशभक्त प्रचारकों के लिए विशेष रूप से 3 कमरों का आवास बनेगा। यानी एक अतिरिक्त कमरे की स्वीकृति दी गयी है, जिसका भार हेमंत सरकार उठेएगी। जो उन्हें कार्यक्रमों  संचालन में सुविधा प्रदान करेगी। 

अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी टाना भगत समुदाय को देने की तैयारी में हेमंत सरकार 

उपरोक्त कार्यों के अतिरिक्त टाना भगत समुदाय को हेमंत सरकार अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ देने को प्रयासरत है। ज्ञात हो कि सरकार राज्य में मुख्यमंत्री पशुधन योजना आरंभ करने का निर्णय लिया है। इस योजना से टाना भगत को जोड़ना भी सरकार की प्राथमिकता में है। इसके तहत फेडरेशन बनाकर टाना भगत समेत अन्य लाभुकों को पशुपालन के कार्य जोड़ा जायेगा। इसके अलावा टाना भगत समुदाय के वैसे बच्चे जो रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय से पास आउट हुए हैं, उन्हें रोजगार से जोड़ने का कार्य भी सरकार करेगी। साथ ही बच्चों की पढ़ाई लिखाई के लिए हॉस्टल इत्यादि की व्यवस्था करने पर सरकार काम कर रही है।

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