टीएसी [TAC] की महत्वपूर्ण बैठक में जनजातीय समुदाय के लिए लिए गए अहम निर्णय

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[ TAC ] की महत्वपूर्ण बैठक

रांची : जनजातीय परामर्शदात्री परिषद (टीएसी) [ TAC ] की सोमवार को संपन्न बैठक में जनजातीय समुदाय से जुड़े अहम निर्णय लिए गए हैं. इन निर्णयों में जो सबसे अहम है कि अब जनजातीय समुदाय को बार-बार जाति प्रमाणपत्र नहीं बनवाना होगा. एक बार जाति प्रमाण पत्र बन जाने के बाद वह जीवन भर के लिए मान्य होगा. 

फैसले से जनजातीय समुदाय में हर्ष

अभी तक जो व्यवस्था थी उसमें जाति प्रमाण पत्र एक अवधि के बाद मान्य नहीं होते थे और उसे फिर से बनवाना पड़ता था. इससे जनजातीय युवाओं को काफी परेशानी होती था उन्हें बार-बार जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए दौड़ना पड़ा था. इस फैसले पर जनजातीय समुदाय ने हर्ष व्यक्त किया है. क्योंकि अब उन्हें बिना वजह परेशान नहीं होना पड़ेगा.

सरनाकोड की मांग [ TAC ] के माध्यम से नए सिरे से बढ़ेगा आगे

टीएसी [ TAC ] की बैठक में लिए अन्य निर्णयों में सरना आदिवासी धर्मकोड के मामले को एक बार फिर से राज्यपाल के माध्यम से आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है. यह झारखंड के आदिवासी समुदाय की चिर प्रतीक्षित मांग है. इसके अलावा सरना स्थलों सहित जनजातीय समुदाय के धार्मिक स्थलों के संरक्षण से जुड़ा मामला भी है. पूर्व में भाजपा सरकार के समय सरना स्थलों का काफी अतिक्रमण हुआ जिस पर अब लगाम लगेगी. 

मानव तस्करी पर लगेगा अंकुश, कड़े कानून बनाने की उठी बात

मानव तस्करी झारखंड की एक बड़ी अमानवीय समस्या रही है. झारखंड को इस मामले में सोर्स राज्यों में गिना जाता है. इसकी रोकथाम के लिए कड़े कानून बनाने पर भी बैठक में सहमति बनी है. कुल मिलाकर जिन 11 प्रस्तावों पर चर्चा हुई वे सभी झारखंड के जनजातीय समुदाय के लिए अहम रहे हैं. इन प्रस्तावों पर सकारात्मक रूप से विचार किया गया है और इसका अच्छा प्रतिफल मिलेगा ऐसी उम्मीद की जा सकती है.

अब टीएसी [ TAC ] की बैठक समय पर हो रही है अहम फैसले

दो साल पहले तक झारखंड में किसी भी सरकार ने टीएसी की बैठकों के लिए रूचि नहीं दिखाई थी. जबकि टीएसी झारखंड के जनजातीय समुदाय के मामलों में अहम निर्णय लेने वाली संस्था है. भाजपा सरकार के कार्यकाल में तो हालत और भी बदतर हुई. पूर्व में लगातार मांग उठती रही थी कि टीएसी की समय पर बैठक होनी चाहिए. पर जब से झारखंड का नेतृत्व मुख्यमन्त्री हेमन्त सोरेन ने संभाली है उसके बाद न सिर्फ टीएसी की नियमावली बनी बल्कि उसका पुनगर्ठन भी किया गया और समय पर बैठकें भी हो रही हैं जिसमे टस निर्णय लिए जा रहे हैं.

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