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झारखंडी जनता को निर्धारित समय सीमा में सरकारी सेवाएं मिले – हेमन्त सरकार की पहल झार सेवा अभियान में अब 12 और सेवाओं को मिली विस्तार

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झारखंडी मुख्यमंत्री मानते है कि अगर उनके सत्ता रहते राज्यवासी आवश्यक सरकारी सेवाओं से वंचित रहे, तो उनका मुख्यमंत्री बनाना निरर्थक साबित होगा -झार सेवा अभियान में अब 12 और सेवाओं मिली विस्तार

रांची। किसी राज्य के मुख्यमंत्री को जब लगे कि राज्यवासियों का आवश्यक सेवाओं से वंचित रहना उनके मुख्यमंत्री पद को निरर्थक साबित करता है, तो निश्चित रूप से उस राज्य की विकास के बुनियादी मजबूती को आँका जा सकता है। ऐसे में, अधिनियम 15 नवंबर 2011, के तहत झाऱखंड के गरीब, दबे-कुचले सहित तमाम जनता को सरकारी अधिसूचित सेवाएं निर्धारित समय सीमा में पूर्ति करने की हेमन्त सोरेन की कवायद, उन्हें मुख्यमंत्रियों की फ़ेहरिस्त में अलग पंक्ति में ला खड़ा करता है। उनकी अनोखी पहल अधिनियम को मजबूती देते हुए, सरकारी बाबूओं को जनहित सेवाओं के प्रति न केवल संवेदनशील बनाता है, जिम्मेदारी निभाने को बाध्य करता है। 

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के संज्ञान में कई बार जनता के मूल समस्या के रूप आया कि सरकारी सेवाओं की अनदेखी किये जाने का सच आया है। चूँकि मुख्यमंत्री झारखंडी मिट्टी के पारखी हैं इसलिए उनकी समझ उन्हें सोचने पर बाध्य करती है कि अगर उनके रहते राज्यवासी आवश्यक सरकारी सेवाओं से वंचित रहे, तो उनका मुख्यमंत्री बनाना निरर्थक साबित होगा। इसी को टारगेट कर एक साल पूरा होने के उपलक्ष्य में बीते 29 दिसम्बर को उन्होंने झार सेवा अभियान की शुरूआत की थी। 

दरअसल, पूर्व की सरकारों में सरकारी सेवाओं का निष्पादन लंबित रहने के कारण आज कई फाइलें पेंडिंग है। समस्या की गंभीरता को समझते हुए मुख्यमंत्री ने जहर सेवा अभियान की शुरूआत की है। जिसके तहत आगामी 31 जनवरी 2021 तक जीरो पेंडेंसी सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। अब इस सेवा अधिनियम को विस्तार देते हुए मुख्यमंत्री ने 12 और सेवाओं को इसमें शामिल कर इसका दायरा बढ़ा दिया है। जो निश्चित रूप से सुशासन के मद्देनज़र हेमन्त शासन का व्याख्या करता है। 

झार सेवा अभियान में 12 अन्य जरूरी लोक प्रदायी सेवाओं को शामिल किया गया, नहीं कर सकता कोई मना 

बीते 19 जनवरी को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग की 9, ऊर्जा विभाग की 2 और उद्योग विभाग की 1 लोक प्रदायी सेवा को झारखंड राज्य सेवा देने की गारंटी अधिनियम 2011 के तहत शामिल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गयी। सेवा के अधिकार में शामिल हो जाने के बाद ऐसी सेवाओं को निर्धारित समय में पूरा करने से अब कोई सरकारी बाबू मना नहीं कर सकते। जो आम लोगों को निर्धारित समय के के अंतराल में सेवायें प्राप्त करना सुनिश्चित करता है। 

उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग की शामिल सेवाओं में मॉल में खुदरा उत्पाद दुकान की लाइसेंस की स्वीकृति, मॉल में खुदरा उत्पाद दुकान की लाइसेंस का नवीकरण, माइक्रो ब्रिवरी की लाइसेंस की स्वीकृति व नवीकरण, ब्रांड का रजिस्ट्रेशन सहित कई अन्य सेवाएं शामिल हैं। वहीं उद्योग विभाग अंतर्गत निवेशकों की जिज्ञासा और पूछताछ के निष्पादन। सेवा और ऊर्जा विभाग के डीजी सेट अधिष्ठापन का नक्शा अनुमोदन, डीजी सेट अधिष्ठापन का निरीक्षण एवं अनुमति सेवाओं को झारखंड राज्य सेवा देने की गारंटी अधिनियम शामिल किया गया है।

अधिकारियों की नियुक्ति कर सेवाओं को बनाया आसान 

सेवाओं को शामिल करने के साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा इसे पूरा करने वाले अधिकारियों के नाम के साथ उसके उत्तरदायित्व को भी तय कर दिया है। इसमें उत्पाद व निषेध की सेवाओं के नाम निर्दिष्ट पदाधिकारी संबंधित जिले के डीसी होंगे। जबकि प्रथम अपीलीय प्राधिकार उत्पाद आयुक्त और द्वितीय अपीलीय प्राधिकार उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के सचिव होंगे। 

उद्योग विभाग के अंतर्गत निर्दिष्ट पदाधिकारी, उपनिदेशक (निवेश प्रोत्साहन) होंगे। प्रथम अपीलीय प्राधिकार महाप्रबंधक, सिंगल विंडो सिस्टम और द्वितीय अपीलीय प्राधिकार निदेशक, उद्योग-सह-सिंगल विंडो सिस्टम होंगे। वहीं ऊर्जा विभाग के सेवाओं के नाम निर्दिष्ट पदाधिकारी विद्युत निरीक्षक होंगे। प्रथम अपीलीय प्राधिकार वरीय विद्युत निरीक्षक और द्वितीय अपीलीय प्राधिकार मुख्य विद्युत अभियंता-सह-मुख्य विद्युत निरीक्षक होंगे।

झार सेवा अभियान के शुरूआती दौर में जोड़ी गयी थी 331 सेवाएं  

ज्ञात हो कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी सरकार के एक वर्ष पूरे होने के मौके पर 29 दिसंबर को झार सेवा अभियान की शुरुआत की थी। इसके अंतर्गत सेवा देने की गारंटी अधिनियम के तहत अधिसूचित प्रदायी 331 सेवाओं को निर्धारित समय में उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया था। अब इसमें और 12 सेवाएं जोड़ी गई हैं। सूचीबद्ध सेवाओं का निष्पादन तय समय सीमा में करना जरूरी होगा।

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