साधारण किस्म के धान पर MSP + बोनस देने के मामले में भाजपा शासित बिहार से आगे हेमंत सरकार

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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन

हेमंत सरकार जहाँ साधारण किस्म के धान पर देगी कुल 2050 (1868 + बोनस 182 रुपए), वहीं बिहार सरकार केवल 1868 रुपए देगी

कोरोना काल में किसानों के ऋण माफी योजना पर गंभीरता से हेमंत सरकार कर रही है काम, किसानों को जल्द मिलेगा लाभ

रांची। कोरोना महामारी के बीच राज्य के करीब 35 लाख किसानों को अधिक आर्थिक लाभ  पहुंचाने के मामले में हेमंत सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। बीते मई माह में हेमंत सरकार ने केंद्र से 3900 करोड़ रुपए का विशेष पैकेज मांगा था, ताकि राज्य के किसानों व दूध उत्पादकों की आर्थिक मदद की जा सके। आर्थिक मदद देने के मामले में केंद्र की आनाकानी के कारण यह प्रस्ताव धरातल पर नहीं दिख पाया है। लेकिन हेमंत सरकार के प्रयास की सराहना जरुर हो रही है। क्योंकि, कमजोर आर्थिक हालत में भी हेमंत सरकार किसानों के हित में बड़ा फैसला लेने को लेकर लगातार तत्परता दिखा रही है। 

दरअसल, खरीफ विपणन मौसम 2020-21 के दौरान किसानों से क्रय की जाने वाली साधारण धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और उस पर जो बोनस दर निर्धारित की गयी है, निश्चित रूप से कोरोना काल में यह राज्य के 35 लाख किसानों को काफी राहत पहुंचाएगी। ऐसा इसलिए नहीं कि भाजपा शासित पड़ोसी राज्य बिहार की तुलना में यह राशि काफी अधिक है। बल्कि किसानों के लिए राहत के मद्देनजर पूरे कोरोना काल में बीजेपी शासित राज्यों की तुलना में गैर बीजेपी, विशेषकर झारखंड जैसे राज्यों के साथ केंद्र ने हर संभव भेदभाव किया है। 

साधारण किस्म के धान पर झारखंड के किसानों को MSP मिलेगा 2050 रुपए,  बिहार सरकार दे रही है केवल 1868 रुपए

केंद्र सरकार ने खरीफ मौसम 2020-21 के लिए साधारण व ग्रेड-ए धान के लिए MSP  दर निर्धारित कर दिया है। साधारण किस्म का धान 1868 रुपए प्रति क्विंटल एवं ग्रेड-ए धान 1888 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित है। इसे देखते हुए हेमंत सरकार ने अपने किसानों को निर्धारित MSP के साथ बोनस के रूप में अतिरिक्त 182 रुपए प्रति क्विंटल देने का भी फैसला किया है। यानी MSP दर साधारण धान 1868+182= 2050 रुपए तथा ग्रेड ए (धान) 1888+182= 2070 रुपए दिया जाएगा। वहीं बिहार सरकार ने अपने किसानों के साधारण धान पर फिलहाल केवल 1868 रुपए प्रति क्विंटल ही देने का फैसला किया है। 

पहले 25,000 और उसके बाद 50,000 + तक का ऋण माफी पर हो रहा है काम

इससे इनकार नहीं किया जा सकता है कि राज्य के किसानों पर कोरोना महामारी का काफी मार पड़ी है। विधानसभा चुनाव के ठीक पहले जेएमएम ने राज्य के लाखों किसानों से कर्जमाफ़ी की बात कही थी। शायद यही वजह है कि हेमंत सरकार ने इस दिशा में अपने कदम शुरुआती बजट-2020 में ही बढ़ाते हुए कर्ज माफी के लिए बजट में 2,000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया। साथ ही सरकार ने अल्पकालीन कृषि ऋण राहत योजना लाने की बात कर दी है।

अब सरकार वैसे किसानों की लिस्ट भी बना रही है जिन्होंने विभिन्न बैंकों से कर्ज लिया है और चुकाने में असफल है। शुरुआत दौर में 25,000 रुपए से कम ऋण लेने वाले किसानों को इसका लाभ मिलेगा। और उसके बाद 50,000 या अधिक ऋण लेने वाले किसानों को। योजना पर गंभीरता से काम चल रहा है। विभागीय सूत्रों के अनुसार झारखंड के लगभग 5 लाख किसान कर्ज में डूबे हैं। जिनमें अधिकांश संख्या में किसानों ने क्रेडिट कार्ड के माध्यम से कर्ज लिया है। हेमंत सरकार के इस फैसले से राज्य के किसानों को राहत मिलेगी।

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