रांची हिंसा – बाहरियों द्वारा झारखण्ड के अमन-चैन भंग करने की असफल कोशिश

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रांची हिंसा की साजिश शुरुआत 4 जून से हुई थी. बाहर से 12 संदिग्ध लोगों की टीम 4 व 7 जून को रांची पहुंची थी. मुस्लिम बुद्धिजीवियों के आपत्ति के बाद टीम ने युवाओं काे फांसा. साजिश में पानी व्यवसायी का नाम आया सामने

राँची : झारखण्ड खबर द्वारा पहले ही बताया गया है कि एक ख़ास आइडियोलॉजी द्वारा भारत देश को तीन राजनीतिक भाग में खंडित करने का कुप्रयास हाई लेवल पर हो रही है. जिसके अक्स में बहुजन नेताओं, सरकार व दलों को निशाना बनाया जा रहा है. जिसमे संस्थानिक पदों पर काबिज उस आइडियोलॉजी की भी मदद ली जा रही है. इसका स्पष्ट प्रमाण नूपुर शर्मा के पैगंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी जैसे विवाद को फायदे में बदलने का प्रयास, झारखण्ड रांची में हुई 10 जून के हिंसास्त्मक तस्वीर से समझी जा सकती है. 

ज्ञात हो, देश की हुई दुर्गति से उस आइडियोलॉजी के पर्दाफास से भारतियों में पनप रहे गुस्से को हिन्दू-मुसलमान दंगे का रूप दिया जाने लगा है. ताकि वास्विक मुद्दे से  देश का ध्यान भटकाय जा सके. और आगामी आम चुनाव की नयी प्लोट तैयार हो सके. ज्ञात हो, राँची हिंसा मामले में भास्कर की पड़ताल में खुलासा हुआ कि रांची हिंसा की तैयारी 4 जून से ही शुरू हुई थी. यूपी के सहारनपुर से 12 लोगों की टीम 4 व 7 जून को रांची पहुंची थी. जो मेन रोड में होटल-लॉज में रुके थे.

इन संदिग्ध लोगों की यहाँ तीन टीमें बनीं, जिसमे से एक टीम खूंटी भी गई थी. इन्हीं संधिग्ध लोगों द्वारा इलाही नगर, हिंदपीढ़ी और गुदड़ी में बैठक कर जुलूस निकालने और हिंसक प्रदर्शन करने के लिए युवाओंको भड़काया गया. नतीजन, 10 जून को शहर के कई इलाकों में प्रदर्शन और हिंसा हुई. पुलिस द्वारा पूरे इलाके में धारा 144 लागू किय गया और अफवाहों को रोकने के लिए इंटरनेट बंद किये गए.

16-24 उम्र वाले युवाओं को हिंसा के लिए किया तैयार

संदिग्ध लोगों के प्रस्ताव पर मुस्लिम समाज के बुद्धिजीवियों द्वारा आपत्ति जताए जाने के बाद टीम ने 16 से 24 साल के युवाओं काे बरगलाना शुरू कर दिया. वे बहकावे में आ गए और उपद्रव का प्लाॅट तैयार हो गया. बुद्धिजीवियों द्वारा इस सम्बन्ध में पुलिस को सूचना दी गई थी या नहीं इस तथ्य का खुलाशा नहीं हो पाया है. हिंसा में पानी व्यवसायी का नाम सामने आ रहा है. पुलिस द्वारा तमाम आरोपियों से पूछताछ की जा रही है.

रांची हिंसा : यूपी की संदिग्ध टीम ने कौम का हवाला देकर युवाओं को भड़काया 

संदिग्ध लोगों द्वारा अलग-अलग जगह बैठक कर लोगों को भड़काया गया. कहा गया कि यूपी में कौम को परेशान किया जा रहा है. हमें अपनी ताकत दिखानी होगी. पूरे देश में नमाज के बाद प्रदर्शन होंगे. यहां भी पूरी मजबूती के साथ हमें विरोध करना है. सभी मस्जिदों से जुलूस निकाले जाएं. लेकिन इस पर सहमति नहीं बनी.

बुद्धिजीवी तैयार नहीं हुए तो कुछ स्थानीय छुटभैयों की मदद सोशल मीडिया पर फैलाया मैसेज

राँची के बुद्धिजीवी तैयार नहीं हुए तो कुछ स्थानीय छुटभैयों की मदद से युवाओं को फांसा गया. इन्हें लोगों को जोड़ने का जिम्मा दिया गया. जाहिर है बिना पैसे के लेन-देन का यह संभव नहीं हुआ होगा. सोशल मीडिया पर मैसेज फैलाया गया कि शुक्रवार को नमाज के बाद डोरंडा रिसालदार बाबा मैदान, राजेंद्र चौक, रतन टॉकीज और छोटा तालाब के पास इकट्‌ठा हों. नूपुर शर्मा का पुतला फूंकना है. काला बिल्ला लगाकर आएं.

दुकानें बंद कराई, ईंट-पत्थर जुटाए

यूपी से आई टीम और कुछ स्थानीय लोगों ने गुरुवार को ही दुकानदारों को दुकानें बंद रखने के लिए तैयार कर लिया, ताकि प्रदर्शन में ज्यादा लोग शामिल हो सकें और उनके दुकानों को नुकसान भी न हो. ईंट-पत्थर भी जुटा लिए गए. उसे तोड़कर कर कई स्थानों पर रखा गया. ताकि छोटी ईंटें दूर तक फेंकी जा सके.

अमन पसंदों की बात उन बाहरियों ने राज्य के युवाओं को अमल नहीं करने दिया 

मुस्लिम समाज के बुद्धिजीवियों को विरोध की तैयारी की भनक लग गई थी. एदार-ए-शरीया और इमारत-ए-शरीया ने आह्वान किया कि नमाज के बाद जुलूस नहीं निकलेगा. प्रदर्शन नहीं होगा. नमाज पढ़कर लोग घर जाएं. लेकिन वॉट्स ग्रुप पर फिर मैसेज रेंगने लगा कि हमें प्रदर्शन करना है. नमाज के बाद बड़ी संख्या में लोग बिना अनुमति के ही फिरायालाल चौक की ओर बढ़ने लगे. पुलिस ने रोका तो भीड़ उग्र हो गई.

सीएम द्वारा गठित की गई है जांच कमेटी

मुख्यमंत्री हेमन्त साेरेन द्वारा उपद्रव और हिंसक घटनाओं की जांच के लिए दाे सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है. आपदा प्रबंधन सचिव अमिताभ काैशल की अध्यक्षता वाली कमेटी में एडीजी ऑपरेशन संजय आनंद लाटकर काे शामिल किया गया है. कमेटी से एक सप्ताह के भीतर रिपाेर्ट मांगी गई है. पुलिस द्वारा भी शनिवार को मजबूत कदम उठाया गया है. डीआईजी, एसएसपी और सिटी एसपी आदि सुबह से ही सड़क पर उतरे. उपद्रवियों पर कार्रवाई शुरू कर दी गई. संदिग्धों से पूछताछ हुई . बड़ी संख्या में पुलिस बल को शहर में तैनात कर दिया और स्थिति नियंत्रण में है. हालांकि प. बंगाल में दूसरे दिन भी हिंसा और यूपी में बुल्डोजर चला है.

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