मेडिको सिटी

झारखंडी छात्रों को हेमंत सरकार का बड़ा तोहफ़ा, मेडिको सिटी में ही मिलेगी आयुर्वेदिक, एलोपैथिक सुविधा के साथ मेडिकल शिक्षा

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मेडिको सिटी बनने से राज्य वासियों को मिलेगी मेडिकल सुविधायें, इलाज के लिए नहीं करना पड़ेगा अन्य राज्यों का रूख

झारखंडी छात्रों के लिए भी सीट रिजर्व करने की घोषणा

राँची। राज्य गठन के बाद से ही झारखंडियों को स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियां झेलनी पड़ी है। गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए राज्य के मरीज़ों को है को दूसरे राज्यों का रूख करना पड़ता। ज्ञात हो कि हेमंत सोरेन हमेशा इस मुद्दे पर मुखर होकर बोलते रहे हैं। मुख्यमंत्री बनने के बाद स्वास्थ्य के क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने इस दिशा में कदम बढ़ाया है। बीते दिनों प्रोजेक्ट भवन में संपन्न हुए समीक्षक बैठक में श्री सोरेन सोरेन के निर्णयों ने साफ़ कर दिया कि राज्य की जनता को अब इलाज के लिए अन्य राज्यों का रूख नहीं करना पड़ेगा। 

दरअसल राजधानी से सटे ईटकी में 578 करोड़ रूपये की लागत से पीपीपी मोड पर मेडिको सिटी बनाया जाना है। इसे लेकर उन्होंने स्पष्ट किया है कि यहां बनने वाले मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल, मेडिकल एजुकेशनल हब,  सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल और आयुर्वेद सेंटर से राज्यवासियों को काफी राहत मिलेगी। इस परियोजना के साकार होते ही झारखंडवासियों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए अन्य राज्यों का रूख करने की समस्या से निजात मिल सकेगा। 

भाजपा अगर नहीं करती अनदेखी, तो आज धरातल पर होता मेडिको सिटी 

दरअसल, ईटकी स्थित टीबी सेनेटोरियम की लगभग 70 एकड़ जमीन में पीपीपी मोड पर मेडिको सिटी को विकसित करने की प्रक्रिया लंबे समय से चल रही है। लेकिन विडम्बना है कि सत्ता में अधिकांश समय तक बैठने वाली भाजपा ने  इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। नतीजतन राज्यवासियों को अत्याधुनिक मेडिकल सुविधा से वंचित ही रहना पड़ा है। 

वर्तमान में हेमंत सरकार द्वारा मेडिको सिटी प्रोजेक्ट में बड़े बदलाव के साथ कुछ अहम निर्णय लेने से इस दिशा में राज्यवासियों को फिर से आस जगी है। इसमें सबसे प्रमुख निर्णय मेडिको सिटी को विकसित करने की दिशा में निजी कंपनियों और संस्थानों को आकर्षित करने का है। इन कंपनियों को राज्य सरकार द्वारा कई रियायतें देने की भी बात की गयी है, ताकि प्रोजेक्ट जल्द से जल्द धरातल पर उतर पाए।

चार प्रोजेक्ट में प्रस्तावित मेडिको सिटी की कुल लागत 578 करोड़

मुख्यमंत्री ने बताया है कि प्रस्तावित मेडिको सिटी को चार प्रोजेक्ट के आधार पर बांट कर विकसित की जाएगी। इसमें मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल,  मेडिकल एजुकेशनल हब,  सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल और आयुर्वेद सेंटर शामिल है। इसमें मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल के निर्माण का बजट कुल 350 करोड़ का होगा। वहीं सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल और अन्य सुविधाओं का बजट 178 करोड़ रूपए है। 50 करोड़ रुपए की लागत से आयुर्वेद सेंटर विकसित किया जाएगा। यानी मेडिको सिटी का कुल बजट 578 करोड़ रूपए होगा।  

झारखंडियों छात्रों के लिए सीटें होगी आरक्षित

इस प्रोजेक्ट की खास बात यह है कि 85 प्रतिशत सीट झारखंड डोमिसाइल के छात्रों के लिए रिजर्व होगा। वहीं कॉलेज में 30 प्रतिशत बेड सेलेक्ट किए गए मरीजों के लिए रिजर्व होगा। मेडिकल एजुकेशन हब के तहत नर्सिंग में बीएससी और एमएससी की पढ़ाई होगी। बीएससी नर्सिंग में 100 सीटें और एमएससी नर्सिंग में 60 सीट होगी। इनमें से 15 प्रतिशत सीटें राज्य सरकार द्वारा चयनित छात्रों के लिए रिजर्व होगी। वहीं मेडिको सिटी में बने सभी बेड का कुल 30 प्रतिशत बेड वैसे मरीजों के लिए आरक्षित होंगे जिनका निःशुल्क इलाज किया जाना है। आयुर्वेद सेंटर में 15 प्रतिशत सीटें वैसे छात्रों के लिए रिजर्व होगा जिनका चयन राज्य सरकार द्वारा किया गया हो। यहां इलाज के लिए 30 प्रतिशत बेड राज्य कोटे के लिए रिजर्व होगी।

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