झारखण्ड : मानव एवोल्यूशन के ऐतिहासिक गवाह मंडरो को मिला फॉसिल्स पार्क व म्यूजियम

सीएम- मंडरो की पेड़-पहाड़ियां व चट्टानें खुद में मानव उत्पत्ति-एवोल्यूशन के कई राज समेटे है. यहां के फॉसिल्स दुनिया को ब्रह्मांड की रचना से संबंधित नयी दृष्टिकोण दे सकते हैं. इसलिए मंडरो में विश्वस्तरीय फॉसिल्स पार्क तथा फॉसिल्स म्यूजियम स्थापित किया गया है.

रांची : झारखण्ड राज्य के इतिहास में, हेमन्त सरकार में पहली बार यहां की ऐतिहासिक-संस्कृति व परम्परिक धरोहर के संरक्षण में ईमानदार प्रयास हो रहा है. मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन का स्पष्ट मानना है कि राज्य के ऐतिहासिक-सांस्कृतिक धरोहर को बचाया जाना झारखण्ड का मौलिक अधिकार है. इसलिए हेमन्त सरकार इस दिशा में संकल्पित हैं और इस ऐतिहासिक कार्य में सभी की भागीदारी की अपील भी करते दिखते हैं. चूँकि, झारखण्ड वनों, फॉसिल्स व प्राकृतिक संपदाओं से भरा पूरा क्षेत्र है, यह राज्य देश-दुनिया के लिए एक ऐतिहासिक धरोहर है. 

ज्ञात हो, इस कड़ी में सांसद विजय कुमार हांसदा की उपस्थिति में झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन द्वारा मंडरो में विश्वस्तरीय फॉसिल्स पार्क तथा फॉसिल्स म्यूजियम सह ऑडिटोरियम उदघाटन किया गया है. उनका मानना है कि मंडरो-राजमहल की पहाड़ियां देश-दुनिया के इतिहास की गवाह है. यह क्षेत्र धरती की उत्पत्ति कैसे हुई? मानव और अन्य जीवो की रचना का क्या आधार था? कैसे मानव जीवन का विकास होता चला गया? जैसे महत्वपूर्ण सवालों का जवाब लिए मौजूद है. 

यह फॉसिल्स पार्क न केवल पर्यटन के दृष्टिकोण से बल्कि ऐतिहासिक शिक्षण के दृष्टिकोण से भी भूगर्भ शास्त्रियों और विद्यार्थियों को देगा नई दिशा 

मुख्यमंत्री ने कहा कि मंडरो की पेड़-पहाड़ियों व चट्टानों का इतिहास धरती पर जीवों के प्रारम्भिक काल या उससे भी पुराना हो सकता है. मसलन, यह फॉसिल्स पार्क न केवल पर्यटन के दृष्टिकोण से विशेष आकर्षण का केंद्र साबित होगा, ऐतिहास शिक्षण के दृष्टिकोण से भी भूगर्भ शास्त्रियों और विद्यार्थियों के शोध को नई दिशा देगा. ज्ञात हो, पूरी दुनिया में मानव जीवन के एवोल्यूशन का इतिहास बताने वाले गिने चुने ही जगह हैं. उसमें साहिबगंज स्थित मंडरो की धरती भी एक है.

यहां की पहाड़ियों और जंगलों में ऐसे-ऐसे ऐतिहासिक ज्ञान का खजाना छिपा है, जो बिरले ही देखने को मिलता है. यहां पर मिलने वाले फॉसिल्स ब्रह्मांड की रचना व एवोल्यूशन के इतिहास को खुद में अनादि काल से समेटे हुए है. देश-दुनिया को इसकी जानकारी हो और यह पूरे जगत को नया वैज्ञानिक दृष्टिकोण दे, इसलिए फॉसिल्स को संरक्षित करने हेतु इसे फॉसिल पार्क का रूप दिया जाना, नए सिरे संरक्षित करने का प्रयास हुआ है.

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