झारखंड में जनता के सुझावों को मिलती है प्राथमिकता – जनहित के तीन अहम निर्णय में जनता की मजबूत भागीदारी से लोकतंत्र के पायों को मिली मजबूती

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जनता के सुझावों को मिलती है प्राथमिकता
  1. 12वीं बोर्ड परीक्षा आयोजन को लेकर जनता के सुझावों को मुख्यमंत्री सोरेन ने रखा केंद्र के समक्ष 
  2. लॉकडाउन खोलने की प्रक्रिया में भी जनता के सुझावों का रहा अहम स्थान 
  3. कोरोना संक्रमण के तीसरे लहर की संभावना के मद्देनजर, विभिन्न अस्पतालों के डॉक्टर, विशेषज्ञ व शिशु रोग विशेषज्ञ से विचार-विमर्श 

देश के लोकतंत्र में जनता और उससे जुड़े सरोकार ही है सर्वोच्च

रांची: विविधता के बावजूद देश के सोच में, मजबूती से उकरी लोकतंत्र की गहरी लकीर, दुनिया भर में भारत को सबसे बड़ा लोकतंत्र होने का तमगा देता है. देश के लोकतंत्र की सराहना होती है कि चुनाव संपन्न के उपरांत, किसी देश के तुलना में यहां सत्ता हस्तांतरण ज्यादा सुगम है. विभिन्न संस्कृति से जुड़े जनता में व्याप्त संविधान के प्रति आस्था, वैश्विक स्तर पर भारतीयों की साख की मजबूती का प्रतिनिधित्व करती है. इसलिए लोकतंत्र में जनता के सुझावों का स्थान उच्च होता है. हालांकि, बीजेपी-संघ विचारधारा में लोकतंत्र की भावना को क्षति पहुंची है, लेकिन देश का लोकतांत्रिक मानसिकता डिगी नहीं. देश का इतिहास भी रहा है, जब-जब फासीवाद ताकतें बढ़ी है, तब-तब भगत सिह-अम्बेडकर सरीखी सोच ने धरा पर जन्म लिया है.

झारखंड में मुख्यमंत्री सोरेन ने लोकतंत्र की उसी मानसिकता का अनुसरण करने का उदाहरण पेश किया हैं. जहाँ, एक तरफ जब केंद्र की भाजपा लोकतंत्र की महीन लकीरों को मिटा देने पर आमादा है. तो वहीं श्री सोरेन लोकतंत्र के पायों को मजबूत करने में जी-जान से जुड़े हैं. संविधान की साख को बचाने के पक्ष में खड़े हैं, ज्ञात हो, झारखंड में मुख्यमंत्री सोरेन के कार्यकाल में, जनहित मुद्दों में जनता की राय को प्राथमिकता मिलती दिखती है. सीएम के फैसलों में जनता के बहुमूल्य सुझाव सर्वोपरि है. जहाँ वर्तमान के तीन अहम निर्णय भी इसी सत्य का तस्दीक करती दिखती है.

12वीं बोर्ड परीक्षा, लॉकडाउन खोलने व कोरोना संक्रमण के तीसरे लहर के संभावनाओं के मद्देनजर विशेषज्ञ से विचार-विमर्श जैसे मामलों में जनता के सुझाव को मिली प्राथमिकता. इसी सच्चाई का मजबूती से उजागर करती है.

12वीं बोर्ड परीक्षा आयोजन करने को लेकर जनता के सुझावों को हेमन्त सोरेन ने संजीदगी से केंद्र के समक्ष रखा- छात्रों को मिली राहत 

ज्ञात हो, मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन राज्य का भविष्य, छात्रों की शिक्षा को लेकर हमेशा सजग देखे जाते रहे है. कोरोना महामारी के दौरान भी 12वीं बोर्ड परीक्षा आयोजन को लेकर उनकी छटपटाहट साफ़ दिखी. जहाँ उन्होंने झारखंड के छात्रों, अभिभावकों व शिक्षकों से इस संबंध में सलाह मांगी. क्योंकि, 12वीं बोर्ड परीक्षा आयोजन को लेकर केंद्रीय रक्षा मंत्रालय की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली बैठक में, झारखंड का अपना पक्ष रखना था. और सोरेन नहीं चाहते थे कि उनका निर्णय राज्य की जनता से भिन्न हो.

मसलन, बड़ी संख्या में लोगों ने ट्विटर व अन्य सोशल मिडिया प्लेटफोर्म पर अपने बहुमूल्य सुझाव रखे. ज्ञात हो अधिकांश ने परीक्षा स्थगित करने की मांग की. लोगों का साफ़ मानना था कि महामारी के बीच परीक्षा का आयोजन, बच्चों के लिए सुरक्षित नहीं. राज्य में कई ऐसे बच्चे हैं जो संक्रमण से उबरने के बाद स्वस्थ होने की प्रक्रिया में है. और जनता के राय को सर्वोपरि मानते हुए 12वीं की बोर्ड परीक्षा को स्थगित कर दिया गया. मुख्यमंत्री का जनता के सुझावों को स्पष्ट रूप से केंद्र के समक्ष रखना, जनहित मुद्दों के प्रति उनकी सोच को दर्शाता है.  

जनता के सुझावों पर अमल करते हुए Unlock की प्रक्रिया में हेमंत सरकार ने बढ़ाया कदम

ज्ञात हो, कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर की वेग से बचाव के मद्देनजर, झारखंड में सर्वदलीय मंशे को प्रमुखता मिली. मुख्यमंत्री ने अपनी बेहतर प्रबंधन के आसरे जनहित में आंशिक लॉकडाउन लगाने का फैसला लिया. और बिना मोहताज हुए झारखंड ने खुद को लगभग त्रासदी से उबार लिया. अब लॉकडाउन अनलॉक करने का दौर था. श्री सोरेन ने कहा कि जीवन और जीविका के संघर्ष में उनका ध्यान जीविका पर केन्द्रित है. इस प्रक्रिया में भी जनता की मनः स्थिति को प्राथमिकता मिली. अनलॉक 1 की प्रक्रिया कैसी हो, संबंध में जनता से सुझाव मांगा गया. लोगों ने अपने सीएम को सुझाव आगे बढ़ कर दिए और एक बार फिर झारखंड में जनता के सुझावों पर अमल हुआ.

तीसरे लहर से बच्चों के बचाव व बेहतर उपचार हेतु सीएम ने डॉक्टरों से मांगे सुझाव 

कोरोना संक्रमण से मरीजों के बचाव व बेहतर इलाज को लेकर, सीएम हेमन्त सोरेन द्वारा वेबिनार आयोजित कर डॉक्टरों-विशेषज्ञों से सुझाव मांगा गया. वेबिनार के मंच पर देश भर के चर्चित डॉक्टरों ने अपने बहुमूल्य सुझाव व अनुभवों को रखा. सभी विशेषज्ञों ने कोरोना संक्रमण के तीसरे लहर से बच्चों के बचाव एवं बेहतर उपचार से संबंधित अपनी जानकारी खुल कर रखी. मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों को धन्यवाद देते हुए कहा. झारखंड को कोरोना संक्रमण से निपटने में आपके सुझाव और अनुभव महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगे. और सरकार सुझाव के अनुरूप आगे की तैयारी और कार्य योजना तैय्यार करेगी.

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