झारखण्ड घाटशिला के भाजपा नेता पिस्तौल के साथ पश्चिम बंगाल में गिरफ्तार – शर्मनाक

Share on facebook
Share on telegram
Share on twitter
Share on whatsapp
भाजपा नेता पिस्तौल के साथ पश्चिम बंगाल में गिरफ्तार

झारखण्ड भाजपा के लिए एक और “उपलब्धि” – भाजपा नेता तुषार दत्ता घाटशिला मंडल के महामन्त्री हैं, चार साथियों के साथ डराने-धमकाने व वसूली के आरोप बंगाल में हुआ गिरफ्तार….

प्रदेश भाजपा के लिए एक और ‘’उपलब्धियों वाली’’ खबर – भाजपा के घाटशिला मंडल के महामन्त्री तुषार दत्ता चार साथियों के साथ पश्चिम बंगाल के बांदवान में गिरफ्तार हुआ है. गिरफ्तारी की वजह है पिस्तौल के साथ जबरन वसूली करना. जाहिर है ऐसे काम अपराधी करते हैं और अगर भाजपा नेता यह कुकृत्य किया हैं तो भाजपा नेतृत्व के लिए यह गंभीर आरोप है.

खबर के मुताबिक तुषार दत्ता के पास पिस्तौल का लाइसेंस है, लेकिन सवाल यह है कि लाइसेंसी हथियार आत्मरक्षा के उद्देश्य से खरीदी जाती है. इसका यह मतलब नहीं है कि उस हथियार का इस्तेमाल अवैध हो, डराने-धमकाने या वसूली के लिए किया जाए. नेता अपने काली कमायी के हिसाब में हुई गड़बड़ी को साधने या आम के वाजिब विरोधों को दबाने के लिए प्रयोग करे. अगर बांदवान थाना की पुलिस के आरोप सही हैं तो फिर यह माना जा सकता है कि भाजपा नेता गैरकानूनी और आपराधिक कार्य में लिप्त थे. तुषार दत्ता को लाइसेंस पूर्व सीएम के एक करीबी व्यक्ति ने दिलवाया था. 

भाजपा नेता व संघी तुषार दत्ता पर आरोप

तुषार दत्ता पर यह भी आरोप है कि उन्होंने अधूरे फ्लैट के नाम पर कई लोगों से पैसे ऐंठे हैं, लेकिन किसी को फ्लैट नहीं दिया है. वे तमाम फ्लैट अब जस का तस अधूरे ही खड़े हैं. तुषार दत्ता की गिरफ्तारी के प्रत्यक्ष प्रमाण के बाद भी हर बार की तरह प्रदेश भाजपा के शीर्ष नेताओं की चुप्पी कायम हैं. लेकिन, क्या उनकी चुप्पी उनके नेता-कार्यकर्ताओं के अपराधों पर पर्दा नहीं डाल सकता? यह उनके लिए आत्म मंथन का सवाल हो सकता है.

ज्ञात हो, भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की गलत, असंवैधानिक और अनैतिक कामों में सलिंप्तता सामने आ रही है. हाल फिलहाल में तीन भाजपाईयों पर दुष्कर्म और युवतियों से दुर्व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगे हैं. सिर्फ आरोप ही नहीं लगे, इन मामलों के तहत उनकी गिरफ्तारी भी हुई है. बाबूलाल मरांडी के प्रेस सलाहकार सुनील तिवारी जो दुष्कर्म के आरोपी हैं, हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है पर उन्हें अगले छह महीने वे झारखंड से बाहर रहने की आदेश हैं. 

मसलन, प्रतीत होता है कि भाजपा का मनुवाद चेहरा धीरे-धीरे सामने आ रहा है. और परत दर परत पता चलने लगा है कि भाजपा एक ऐसी जमात है जहां छुटभैये, सड़कछाप और चरित्रहीन लोगों का जमावड़ा है. यहीं वजह है कि भाजपा झारखंड में सत्ता से बेदखल हुई है और दूसरे राज्यों में भी उसकी ऐसी ही हालत होनेवाली है.

Leave a Replay

DON’T MISS OUT ON NEW POSTS

Don’t worry, we don’t spam. Click button for subscribe.