झारखण्ड : 20 साल बनाम ढाई साल – हेमन्त ने पेश किए कई मिसाल

हेमन्त सरकार मजदूरों-गरीबों-बेटियों के विश्वास के डोर को मजबूती से थामे दिखती है. इस सरकार में मजदूरों की घर वापसी हवाई जहाज से भी हुई है. मानव तस्करी से बेटियां आजाद हुई है. स्पष्ट तौर 20 साल पर ढाई भारी.

रांची : झारखण्ड के आईने में पूर्व सत्ताओं के 20 साल बनाम हेमन्त सोरेन की नेतृत्व वाली सरकार की ढाई साल का अक्स राहत देने वाला है. ज्ञात हो झारखण्ड सदियों से खनन लूट का शिकार रहा है. लेकिन, झारखण्ड राज्य गठन के बाद सरकारी नीतियों के अक्स में खनन लूट व आदिवासी-मूलवासी की जमीन लूट में वृद्धि हुई. यहाँ तक कि पूर्व की भाजपा सत्ता में साजिशन आदिवासी जमीन की सुरक्षा कवच सीएनटी-एसपीटी कानून पर भी हमले हुए. नतीजतन, गरीबी व बेरोजगारी के अक्स में राज्य को भूख से मौतें, पलायन, मानव तस्करी, आत्महत्या जैसे दंश झेलना पड़ा. 

हेमन्त सरकार मजदूरों-गरीबों-बेटियों का मजबूती हाथ थामी दिखती है

मौजूद मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की शासन में राज्य की दशा-दिशा के सुदृकरण में कई ठोस नीतियाँ, कार्यकाल के शुरुआती दौर से देखने को मिली है. सरकार की नीतियों में राज्य की जनता के प्रति संवेदनशीलता दिखी है, जिसे पहली बार भी कहा जा सकता है. हेमन्त सरकार विशेष कर मजदूरों-गरीबों-बेटियों के विश्वास के डोर को मजबूती से थामे दिखती है. इस सरकार में मजदूरों की घर वापसी हवाई जहाज से भी हुई है. मानव तस्करी से बेटियों को आजादी दे स्वाभिमान के साथ उन्हें रोजगार से जोड़ा गया है. 

सरना धर्म कोड बिल को पास कर केंद्र के दहलीज पर भेजा गया

ज्ञात हो, पूर्व के भाजपा शासन में सरना धर्म कोड के नाम पर केवल राजनीतिक रोटियाँ सेंकी गई. और आदिवासियों को सरना धर्म कोड लागू करने के नाम पर आरएसएस की एकल स्कूल, वनवासी कल्याण आश्रम जैसे संगठन को जबरन थमा दिया गया. जिसका मूल उद्देश्य केवल आदिवासी का हिन्दुकरण करना है. जो कि सरना कोड की अस्तित्व की मूल लड़ायी से विपरीत उदेश्य लिए हुए है. इस मुद्दे में भी हेमन्त सरकार द्वारा महत्वपूर्ण भूमिका अदा की गई. ज्ञात हो, सरना धर्म कोड बिल को विधानसभा से पास कर केंद्र के दहलीज पर भेजा गया है. 

पारा शिक्षकों व पुरानी पेंशन की लंबी मांग हुई पूरी 

राज्य में वर्षों से पुरानी पेंशन की मांग व पारा शिक्षकों की लंबे संघर्ष को अंजाम तक भी हेमन्त सरकार द्वारा ही पहुंचाया गया. यही नहीं सबसे कम समय में JPSC को सम्पन्न करने का रिकॉर्ड बनाते हुए नियुक्तियाँ सम्पन्न की गई. राज्य के गरीब अनूसूचित जाति के युवाओं के लिए विदेशों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने हेतु, स्कालर्शिप के माध्यम से रास्ते के खोले गए. राज्य की महिलाओं के मेहनत को सम्मानित किया गया. उनके उत्पाद को पलाश ब्रांड के जरिए बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है. नतीजतन, राज्य खेल से लेकर कई क्षेत्रों में कीर्तिमान स्थापित कर रहा है. 

मसलन, तमाम उपलब्धियों को देखते हुए स्पष्ट कहा जा सकता है कि संवैधानिक लकीरों की परिधि में हेमन्त सरकार की नीतियाँ पूर्व की सत्ताओं की 20 साल की नीतियों पर भारी है. मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की संवेदनशीलता, कुशलता बुनियादी तौर पर संविधान में निहित सभी फंडामेंटल अधिकारों को छूती दिखती है. जो देश में लोकतंत्र को भी मजबूती से परिभाषित करता है.

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