मोदी सत्ता में पेट्रोल 100 पार -हेमंत सत्ता में परीक्षा शुल्क 600 से 100 पर

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मोदी सत्ता में पेट्रोल 100 पार

मोदी सत्ता के अच्छे दिन में पेट्रोल प्रति लीटर 100 पार, हेमंत के झारखंड में JPSC परीक्षा शुल्क 600 से 100 पर, युवाओं समझे वे इसी ग्रह पर हैं

मोदी सत्ता के अच्छे दिन के अक्स में हेमंत सरकार ने JPSC परीक्षा शुल्क 100 रुपए कर युवाओं को भरोषा दिया कि वे इसी ग्रह पर हैं

मनमोहन सिंह के कॉरपोरेट के आसरे बिछाए विसात को भाजपा, व्यवस्था के भ्रष्टाचार बताये। और उस पंक्ति में कॉरपोरेट, अन्ना हजारे, रामदेव, श्री श्री रविशंकर से लेकर आडवाणी तक खड़े हों। जिसमें गवर्नेस से लेकर राजनीतिक तक में निर्णय न ले पाने का सवाल हो। भाजपा जनाक्रोश के पक्ष में अर्थव्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आन्दोलन की ज़मीन तैयार करे। और उन परिस्थितियों के अक्स में मोदी के प्रधान सेवक का सफ़र शुरू हो। और उस सफ़र में कॉर्पोरेट के खास एजेंडे के मद्देनज़र निर्णय तमाम जन समस्याओं को नियति घोषित करे। नतीजतन, लचर अर्थव्यवस्था के अक्स में देश बिकने को हो। तो अप अच्छे दिनों की ख़ुशियाँ मना सकते हैं।

मुश्किल इतना भर नहीं है। मौजूदा दौर में सकल टैक्स राजस्व में 12.6% कमी की भरपाई का सच पूँजीपतियों से अतिरिक्त टैक्स वसूली से इतर पेट्रोल-डीज़ल पर एक्साइज़ ड्यूटी 47% तक बढ़ाने के रूप में सामने आये। तो जाहिर है अंतरराष्ट्रीय में कच्चा तेल 50-60 रुपए पार्टी बैरल होने के बीच देश का सच पेट्रोल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर के रूप में उभरेगा ही। ऐसे में सवाल हो सकता है कि मोदी सत्ता ने त्रासदी के दौर में भी अपनी थाठशाही का बोझ सीधे तौर पर जनता के काँधे लाद दिया। और सरकार बयान दे कि यह बढ़ौतरी अधिक दिनों के लिए नहीं तो देश याद कर ले 2018 में 17 दिन तक तेल की कीमतों की बढ़ौतरी के बाद, सस्ता होने का सच था महज 1 पैसा। 

हेमंत सरकार ने JPSC परीक्षा शुल्क 100 रुपए कर युवाओं को बताया कि वे इसी ग्रह पर हैं 

इससे इतर झारखंड राज्य में, झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षा शुल्क में हेमंत सरकार द्वारा भारी कटौती कर 100 रुपए किया जाना। युवाओं को यकीन दिला सकती है यह सच भी इसी ग्रह है। और मुद्दाविहीन भाजपा के बाबूलाल इसके अक्स में झूठी तथ्यों को आधार बना आलोचना करने से न चूके। तो उस पत्रवीर के लिए जनता का सवाल हो सकता है। क्यों न वह पेट्रोल-डीसल की बढ़ी कीमतों पर उनकी चुप्पी को, केंद्र के फैसले पर उनकी सहमती मान ले। जब उनके लैटर-हेड में ऐसे मामलों में क्यों पत्रांक का मुहर नहीं लगते। फेसबुक पर लाइव हो सत्य से पर्दा न उठाए जाने के अभाव में क्यों न माना जाए कि जन मुद्दों को लेकर उनके दवात में सिहाई नहीं।
 नोट : एससी, एसटी एवं अन्य वर्गों के लिए JPSC की परीक्षा शुल्क 150 के बजाय मात्र 50 रुपया कर दी गयी है।

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