गौशालाओं में पशुओं के आहार के लिय प्रति पशु प्रतिदिन 100 रुपए देगी झारखण्ड सरकार  

Share on facebook
Share on telegram
Share on twitter
Share on whatsapp

राज्य जीव-जन्तु कल्याण बोर्ड की बैठक में, गौशालाओं में पशुओं के आहार के लिय प्रति पशु प्रतिदिन 100 रुपए देने का लिया गया निर्णय. राज्य के 10 गौशालाओं को मिलेगा रेस्क्यू वाहन

रांची : हेमन्त सरकार में राज्य के पशुओं की देखभाल एवं संरक्षण के मामले में बड़ा फैसला लिया गया है. राज्य के गौशालाओं में पशुओं के आहार के लिये 100 रु प्रति पशु प्रतिदिन देने का निर्णय लिया गया है. पूर्व की सरकार में यह राशि 50 रु प्रति पशु प्रतिदिन 6 महीने तक के लिये ही दी जाती थी, लेकिन हेमन्त सरकार में इस राशि को बढ़ाकर 100 रु एक वर्ष के लिये कर दिया गया है. यह फैसला राज्य के कृषि मंत्री बादल पत्रलेख द्वारा नेपाल हाउस में आयोजित राज्य जीव-जन्तु कल्याण बोर्ड की बैठक में लिया  गया . उन्होंने कहा कि राज्य के गौशालाओं को सुदृढ़ किया जायेगा.

हेमन्त सरकार राज्य के पशुओं के प्रति संवेदनशील

कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने बैठक में कहा कि हेमन्त सरकार राज्य के पशुओं के प्रति संवेदनशील है. इनकी देखभाल एवं संरक्षण सरकार की जिम्मेवारी है. राज्य जीव-जन्तु कल्याण बोर्ड के गठन का उद्देश्य भी यही है. उन्होंने कहा कि जीव-जन्तु अपनी मांग नही रख सकते हैं. उनका जीवन हमारी संवेदनशीलता पर निर्भर करती हैं. राज्य जीव-जन्तु कल्याण बोर्ड के माध्यम से पशुओं की समस्याओं का निराकरण किया जाता है. मसलन, बोर्ड को और अधिक क्रियाशील एवं प्रभावी ढंग से कार्य करने की आवश्यकता है ताकि इसकी उपयोगिता सामने आ सके.

लावारिस पशुओं के रेस्क्यू के लिये मिलेगा रेस्क्यू वाहन

राज्य के 21 निबंधित गौशालाओं मे 10 गौशालाओं को रेस्क्यू वाहन देने का निर्णय लिया गया है. जिससे लावारिस पशुओं का आसानी से रेस्क्यू हो सके. जो पशु सड़क दुर्घटना में मारे जाते हैं या बीमार अवस्था में सड़कों पर लावारिस पड़े रहते हैं उनका रेस्क्यू किया जा सके. मंत्री बादल ने कहा कि राज्य में जो भी गौशाला का निबंधन कराना चाहते है उनका निबंधन भी अब आसानी से किया जा सकेगा.

गोबर से वर्मीकम्पोस्ट तैयार करने की विधि का अवलोकन करने छत्तीसगढ़ जायेगी टीम 

गोबर से वर्मीकम्पोस्ट तैयार करने की विधि का अवलोकन करने के लिये बोर्ड की एक टीम छत्तीसगढ़ जायेगी. और वहां पर गोबर से वर्मीकम्पोस्ट किस तरह तैयार किया जाता है इसका अवलोकन करेगी. जिससे झारखण्ड में भी उसी विधि से वर्मीकम्पोस्ट तैयार कर बाजार को उपलब्ध कराया जा सके.

राज्य जीव-जन्तु कल्याण बोर्ड की अगली बैठक जनवरी माह में 

राज्य जीव-जन्तु कल्याण बोर्ड की अगली बैठक जनवरी माह में करने का निर्णय लिया गया है. जिससे अगामी बजट में इसमें राशि का प्रावधान किया जा सके. बैठक में मंत्री बादल ने कहा कि राज्य जीव-जन्तु कल्याण बोर्ड में रिक्त पदों को प्रतिनियुक्ति या संविदा पर भरने का निर्णय लिया गया है ताकि बोर्ड का कार्य सुगमता से हो सके.

जिला स्तर पर बनी जिला पशु क्रुरता निवारण समिति में शामिल होगें जन-प्रतिनिधि 

मंत्री बादल ने कहा कि जिला स्तर पर बनी जिला पशु क्रुरता निवारण समिति में विशेष आमंत्रित सदस्य के रुप में स्थानीय विधायक एवं सांसद के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जायेगा. ताकि वो भी अपने महत्वपूर्ण सुझाव समिति को दे सके. उन्होने निदेश दिया कि पशुपालको का जिलावार प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जाये साथ ही राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित कराकर उन्हें प्रशिक्षित किया जाये.

पशुओं की सुरक्षा पर सरकार का फोकस

मंत्री बादल ने कहा कि लातेहार जाने के क्रम में रास्ते में बंदरो का समूह देखने को मिलता है. ये बंदरों का समूह कभी-कभी सड़क पर आ जाते है और वाहन की चपेट में आ कर जख्मी हो जाते हैं या सड़क दुर्घटना मारे भी जाते है. इनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुये वन विभाग द्वारा प्रस्ताव मांगा गया ताकि उस क्षेत्र में सड़क के किनारे जाली लगा कर 8 से 10 प्वाइंट बना दिया जाये ताकि बंदर सुरक्षित रहे. उन्होंने कहा राज्य में और भी इस तरह के क्षेत्र को चिहिन्त कर सरकार उनका संरक्षण करेगी.

Leave a Replay

DON’T MISS OUT ON NEW POSTS

Don’t worry, we don’t spam. Click button for subscribe.