अर्थव्यवस्था में GDP को रामायण, महाभारत या बाइबिल नहीं माना जा सकता-फर्जी बाबा

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अर्थव्यवस्था

फर्जी डिग्री वाले अर्थशास्त्री निशिकांत दूबे ने कभी कहा था, “अर्थव्यवस्था के विकास में GDP को रामायण, महाभारत या बाइबिल नहीं माना जा सकता”

आज जब देश की अर्थव्यवस्था में पिछले 40 वर्षों में भारी ऐतिहासिक गिरावट आयी है, तो सांसद महोदय को अपने सरकार की केवल तीन गलत नीतियाँ ही नजर नहीं आती। 

राँची। 40 वर्षों के इतिहास में देश की अर्थव्यवस्था में ऐसी भारी गिरावट देखने को मिली है। चालू वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में जीडीपी में गिरावट करीब 23.9 प्रतिशत रही है। फ़र्ज़ी डिग्री से सांसद बने, भाजपा नेता निशिकांत दूबे जीडीपी में हुई इस गिरावट को कोरोना संकट बता केवल अपनी केन्द्रीय सत्ता का बचाव कर रहे हैं।

वास्तव में उनके पास देश की गिरती आर्थिक हालत को सुधारने के लिए उनके पास कोई उपाय नहीं है। इसलिए वे कई देशो के जीडीपी में हुए गिरावट का हवाला दे देश के जिम्मेदारियों से पल्ला झाड लेना चाहते हैं। लेकिन, खुद को प्रचंड विद्धान और अर्थशास्त्री समझने वाले इस फर्जी डिग्रीधारी सांसद निशिकांत दूबे ने कभी संसद में कहा था कि केवल जीडीपी को ही रामायण, महाभारत या बाइबिल माना लेना देश की अर्थव्यवस्था के हिसाब से सही नहीं है। 

उन्होंने तो यह भी कहा था कि भविष्य में जीडीपी का कोई बहुत ज्यादा उपयोग नहीं होगा। लेकिन आज जब मोदी सरकार की तीन बड़ी गलतियों (नोटबंदी, जीएसटी और गलत निर्णय लेकर लॉकडाउन की घोषणा) से देश की आर्थिक स्थिति बदहाल होने की कगार पर है, तो विद्धान सांसद इसी जीडीपी का सहारा ले मोदी सरकार को बचा रहे है।। उन्होंने कहना है कि यह पीएम नरेदंर् मोदी की विरोध की पराकाष्ठा है। 

सांसद महोदय को यह क्यों नहीं देख पाते कि इसी संकट में चीन ने अर्थव्यवस्था में बढ़ोतरी की है 

सोशल मीडिया ट्विटर पर फर्जी बाबा लिखते हैं कि विश्व के कई बड़े देशों के जीडीपी में भारी गिरावट आयी है। विद्धान सांसद आंकड़ा भी पेश करते हैं – अमेरिका -33 प्रतिशत, यूके -21 प्रतिशत, सिंगापुर – 42.9 प्रतिशत गिरावट आयी है। आज भले ही भाजपा सांसद कोरोना को वैश्विक जीडीपी में हुई गिरावट का हवाला दे रहे हों, लेकिन पता नहीं क्यों हमारे विद्धान सांसद को यह नहीं दीखता कि जिस देश (चीन) से कोरोना का संकट शुरू हुआ, वहां की जीडीपी ग्रोथ प्लस में है। उन्हें यह क्यों नहीं समझ आता है कि चीन के साथ भारत के झड़प के बाद चीन की वृद्धि दर बढ़ी है, जबकि भारत की घटी है।

ऐसा पहली बार नहीं है जब सांसद निशिकांत ने केंद्र के फ़र्ज़ी एजेंडों को दोहराया है 

ऐसा लगता है कि भाजपा सांसद के ज्ञान की बत्ती बुझ गयी है। असल में भाजपा सत्ता के गलत नीतियों के कारण देश में आर्थिक संकट का अंधेरा गहराया है। अब जब उसके पास इससे उबरने के लिए कोई शेष नीति बची नहीं है तो इसे कोरोना के संकट का नाम दे रही है। इससे इनकार नहीं कि कोरोना से अर्थव्यवस्था पर कोई असर नहीं हुआ है। देश का आर्थिक हालात तो पहले से ही चरमराया हुआ था, कोरोना ने तो केवल आखरी किल ठोकी है। और मोदी सरकार Act Of God का सहारा लेकर अपने Act Of Fraud को ढकने का नाकाम कोशिश कर रही है। और इसी एजेंडे को फ़र्ज़ी बाबा दोहरा रहे है। 

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