झारखण्ड : सीएम ने अधिकारियों पर कसा लगाम -खनन हुआ तो अधिकारियों पर होगी कार्रवाई

Share on facebook
Share on telegram
Share on twitter
Share on whatsapp

झारखण्ड : अवैध खनन बर्दाश्त नहीं, हुई तो अधिकारियों पर होगी कार्रवाई. माफिया के माध्यम से जानबूझ कर की जा रही है सरकार की छवि खराब, सख्त कार्रवाई के निर्देश. सभी खनन क्षेत्रों-चेक पोस्टों लगेंगे CCTV कैमरे. टोल फ्री नंबर होंगे जारी…

राँची : झारखण्ड में हेमन्त सरकार के गठन के साथ ही केंद्र से साफ़ सीआर वाले आधुकारियों की मांग जारी है. लेकिन, भाजपा राजनीति के अक्स में उसके चेहते अधिकारियों की जगह साफ़ सीआर वाले अधिकारी अबतक नहीं ले पाए हैं. एक तरफ अवैध खनन में संलग्न भाजपा के नेता-कार्यकर्ता को चेहेते अधिकारियों के माध्यम से संरक्षण दिया गया है. तो दूसरी तरफ हेमन्त सरकार की कार्रवाई के अक्स में उसके चेहेते उद्योगपतियों को अवैध खनन से सस्ते दर पर होने वाली कोयला आपूर्ति लगभग रुक गया है. नतीजतन, भाजपा को चहेते उद्योगपतियों की नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है.और सामने आम चुनाव है. 

ऐसे में भाजपा द्वारा अपने ही चेहेते IAS अधिकारी पर निशाना साध हेमन्त सरकार को अस्थिर करने का प्रयास हुआ है. चूँकि खान लीज का जिक्र चुनावी हलफनामा में किया गया था. तो भाजपा के लिए खेल खेलना आसान हो गया. ज्ञात हो, जब राज्यपाल को भाजपा द्वारा खान लीज के मामले में चिट्ठी दी गई, उस वक्त तक हेमन्त सोरेन के नाम पर कोई लीज नहीं था. फिर आनन-फानन में 2021 में हेमन्त सोरेन के नाम लीज रजिस्टर्ड होना संदेहास्पद है. पूरे प्रकरण में शाजिस की बू आती है, जो जांच का विषय हो सकता है. नतीजन, मुख्यमंत्री द्वारा कड़े निर्णय लिए गए है. उन्होंने समीक्षा बैठक में साफ़ कहा कि अवैध खनन हुई तो अब अधिकारियों पर होगी कार्रवाई, वह भी सख्त.  

अवैध खनन को लेकर हेमन्त सरकार में उठाये गए है कठोर कदम 

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने स्पष्ट कर दिया है कि उन्हें किसी भी सूरत में अवैध खनन स्वीकार नहीं. वह हर हाल में अवैध खनन पर विराम लगायेंगे. उनके द्वारा अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि अवैध खनन में शामिल माफिया के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करें. साथ ही अवैध खनन के रोक-थाम में प्रभावी तंत्र विकसित करे. सीएम का मानना है कि खनन माफियाओं के द्वारा जानबूझकर वर्तमान सरकार की छवि खराब किया जा रहा है. अंततः सीएम ने कठोर कदम उठाते हुए कहा कि अवैध खनन अब अधिकारियों के हित में नहीं है. यदि अवैध खनन हुआ तो अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी. 

मुख्यमंत्री द्वारा समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि राज्य के किसी भी हिस्से में हो राझे अवैध खनन को रोकना आप की जिम्मेदारी है. इसलिए लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की होगी. राज्य स्तरीय विशेष टीम के मध्यम से अवैध खनन पर पैनी नजर रखी जाए. अधिकारी अवैध खनन की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई करें. साथ ही टोल फ्री नंबर जारी करें. अवैध खनन से हादसों की संभावना बढ़ जाती है. गरीबों के घर ढहते हैं, सुरंगों में लोगों के दबे होने की खबरें आती हैं. अतः दुर्घटना की संभावना वाले स्थानों को दुरुस्त करने का काम हो. 

अवैध खनन संबंधित गतिविधियों की जानकारी सप्ताह में मीडिया को भी देने के निर्देश 

खबरे हैं की परिवहन के जरिए, सड़क और रेल मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर कोयला डंप हो रहा है. जंजीर खींचकर कोयले की चोरी हो रही है. इसे रोकने हेतु झारखण्ड पुलिस और आरपीएफ मिलकर कार्य करें. सभी उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को अवैध खनन के खिलाफ 1 जून से 15 जून 2022 तक विशेष अभियान चला कर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिया गया. खनन क्षेत्रों में प्रभावी तंत्र विकसित कर माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए. गतिविधियों की जानकारी सप्ताह में मीडिया को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं.

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन द्वारा अधिकारियों को खनन क्षेत्रों और जिलों में चेक पोस्टों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए हैं. सरकारी या गैर-सरकारी खनन कंपनियों को खदानों के आसपास और अपने कार्यालयों में निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्देश देने को कहा गया है. रेत (बालू) के अवैध खनन को भी हर हाल में रोकने का निर्देश दिया गया है. उन्होंने कहा कि इससे जल संसाधन व पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव से बचा-बचाया जा सकता है. 15 जून के बाद अवैध खनन पर उच्च स्तरीय बैठक होगी.

Leave a Replay

DON’T MISS OUT ON NEW POSTS

Don’t worry, we don’t spam. Click button for subscribe.