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Editorial

samadiya

August, 2018

  • 14 August

    सुदेश जी राज्य विकास परिषद के प्रति अब तक गंभीर नहीं

    किसी प्रदेश का विकास सिर्फ बड़े लॉंन्चिंग व टार्गेट बनाने से नहीं होता, जब तक एक्शन प्लान तैयार न हो। सपना देखना अच्छी बात है और सभी को देखना भी चाहिए, पर हमारे पैर हमेशा जमीन पर रहने चाहिए।”

  • 13 August

    झारखण्ड और बंगाल के बीच रंगों की लड़ाई में पिसती जनता!

    मौसमी रोजगार के लिये प्रति वर्ष लाखों की संख्या में पश्चिम बंगाल जाने वाले उन श्रमिकों का क्या होगा जो अपने परिवार का भरण-पोषण, धनकटनी व अन्य कार्यों के माध्यम से करते हैं? उन दिहाड़ी मजदूरों, छोटे व्यवसायियों के परिवार का भरण-पोषण कैसे होगा जिनके मुखिया पश्चिम बंगाल में रोटियाँ तलाशने जाते हैं?

  • 11 August

    भूख से मौत प्रकरण में भाजपा पर उठते गंभीर प्रश्न  

    कभी भी यह सुनने-पढने को नहीं मिला कि केंद्र ने इस घटना में आगे बढ़कर जाँच करवाने का कोई प्रयास किया या रघुवर सरकार से कोई जवाब तलब ही किया हो? उल्टा, अमित शाह  झारखण्ड आने के उपरान्त उनकी पीठ थपथपा कर चले गए।

  • 11 August

    कंबल घोटाले के दबे राज उजागर कब होंगे…?

      कंबल घोटाला प्रकरण के मद्देनज़र खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय जी ने सीएम रघुवर दास जी को चिट्ठी लिखकर सलाह दिया था कि मामले की गंभीरता से लेते हुए इसकी जाँच सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसी से करायी जानी चाहिए। मंत्री राय के अनुसार इस घोटाला का खेल चारा घोटाले …

  • 11 August

    झारखण्ड के पांचवे स्तम्भ पूछ रहे है रघुवर! से “क्या हुआ तेरा वादा ?“

    इस घटना के बाद किसान राहत हेल्पलाइन फोन नंबर 0651-2490542 तथा 7632996429 बेईमानी सी लगती है और यह भी प्रतीत होता है कि उनके द्वारा इन्हें पांचवी स्तंभ कह संबोधित करना केवल दिखावे के अतिरिक्त और कुछ नहीं।   

  • 9 August

    उधड़ी हुई सी है झारखंडी बुनकरों की जिंदगी

    आरोप लगाया कि सरकार बुनकर दिवस के दिन करोड़ों की राशि खर्च कर सिर्फ दिखावा कर रही है। यह ना तो बुनकरों के हित में है और ना ही इससे झारक्राफ्ट को किसी प्रकार का फायदा पहुँचने वाला है। यह केवल एक छलावा है।

  • 8 August

    निर्मल दा (निर्मल महतो) तुम बहुत याद आये…

    अंत में बस इतना ही कहना चाहता हूँ कि यह निर्मल दा जैसे नेताओं का अथक प्रयास का परिणाम था कि 15 नवंबर 2000 को झारखण्ड अलग राज्य बना, लेकिन आज एक सवाल हर झारखंडी के मन में है कि "क्या वाकई निर्मल दा के सपनों का झारखण्ड बना है?

  • 7 August

    अबतक वनक्षेत्र के 50,000 हेक्टेयर भूमि लूटा चुकी है यह सरकार

    इनके कथन आज भी कितने प्रासंगिक हैं, हम झारखंडी एक तरफ हिन्दू-मुसलमान में उलझे रहें और दूसरी तरफ हमारे जंगलों से लगभग 50 हजार हेक्टेयर भूमि को उड़ा लिया गया। और हमारे मुख्यमंत्री जो कि खुद वन मंत्री हैं, को इसका पता भी न चल सका। कैसे इस सेवक पर विश्वास किया जाय?   

  • 7 August

    सावधान! यह अपशब्द नहीं एक प्रकार का उकसावा है

    सरकार झूठे मुद्दे उछालने, लम्‍बे-चौड़े हवाई वायदे करने, जुमलेबाज़ियों और नफ़रत फैलाने के ज़रिये असली मुद्दों को हाशिये पर धकेल देने की रणनीति में हिटलर और मुसोलिनी का काबिल वारिस साबित हुआ है। इतिहास में हुई अपनी दुर्गति से सीखकर आज फ़ासीवादी राजनीति खुले-नंगे रूप की जगह संसद और संवैधानिक संस्थाओं का आवरण ओढ़कर अपनी नीतियों को लागू कर रही है।

  • 6 August

    राज्य की 50 फीसदी आधी आबादी बेरोजगार: बेरोजगारी…भाग 4

    15-34 आयुवर्ग की महिलाओं में औसत बेरोजगारी दर लगभग 50 प्रतिशत है। जिससे यह साफ़ दिखता है कि किस प्रकार युवतियों को यह सरकार रोजगार से दूर रखी हुई है। इस आंकड़े को जब हम आयु वर्ष में विभक्त कर देखते हैं तो मामला और भी भयावह प्रतीत होता है।