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Editorial

samadiya

September, 2018

  • 1 September

    रघुवर सरकार ने आदिवासी बच्चों के छात्रवृति रोकी

    रघुवर दास जी ने अपने जनसभा कार्यक्रम में बड़ी चालाकी से अपनी नाकामियां छुपाते हुए सभी नाकामियों का ठीकरा दबंगता पूर्वक अधिकारियों के सर फोड़ राज्य की जनता को अपनी सरकार का दामन साफ़ बता दिया है। परन्तु इस प्रकार के कार्यकर्मों का आयोजन कर वे अपना पल्ला झाड़कर यहाँ …

August, 2018

  • 24 August

    सरकार की दमनकारी नीतियों कर खिलाफ झारखंडियों का हल्ला बोल

    आदिवासी-दलितों, अल्‍पसंख्‍यकों, वामपंथी कार्यकर्ताओं पर सत्‍ता द्वारा दमन की घटनाएँ बढ़ती जा रही हैं। एक ओर जो कोई भी रघुवर सरकार और भाजपा के ख़तरनाक एजेण्‍डे के विरोध में आवाज़ बुलंद करने का प्रयास करते हैं  उसे फ़र्ज़ी मुक़दमे के अंतर्गत जेल में डालना, उस पर भीड़ को उकसाकर हमले …

  • 22 August

    खिलाड़ी और खेल के प्रति सरकार का उदासीन रवैया क्यों?

    खेल - खिलाड़ी

    इस सन्दर्भ में नाम न छापने के अनुरोध कर कुछ खिलाड़ी अपना दुःख बयाँ करते हुए ये बताने से नहीं चुके कि झारखंड में फुटबॉल के खेल में सिर्फ खानापूर्ति हो रही है।

  • 20 August

    धनपशुओं के लिए हरमू नदी साबित हुई दुधारू गाय

    नगर निगम के प्रस्तावित प्लान में कई खामियां है, जैसे मात्र 7 नालियों को ही सीवरेज से जोड़ा जाना है और 82 नालों को ऐसे ही छोड़ा दिया गया है। भारत सरकार की एजेंसी नेशनल इंवायरमेंटल इंजीनियर्स रिसर्च इंस्टीट्यूट (नीरि) के सर्वे में 82 नालियों को चिन्हित किया गया है।

  • 16 August

    हम भारत के लोग …?

    अशोभनीय टिप्पणी को लेकर समाज में हफ्तों चर्चाएं हो सकती हैं तो एक लोकतांत्रिक देश में 72 वें स्वतंत्र दिवस के महज चंद दिनों पहले संविधान की प्रतियां जला दी गई और उसपर सरकारों का या प्रधान मंत्री के लालकिले के प्राचीर से दिए गए भाषण में कोई पक्ष तो छोड़िये जिक्र तक ना होना, इसे कैसे देखा जाए या क्या इशारा करती है?

  • 14 August

    पाबन्दियों और कानूनी शब्दाडम्बरों के मायाजाल से जकड़ा 72वां  स्वतंत्रता उत्सव

    इस प्रकार तत्कालीन सरकार द्वारा संशोधित मौजूद मूलभूत अधिकार बेहद सीमित हैं और जनता को जो कुछ अधिकार दिये भी गये हैं उनको भी तमाम शर्तों, पाबन्दियों और कानूनी शब्दाडम्बरों के मायाजाल से जकड़ कर प्रभावहीन बना दिया गया है।

  • 14 August

    सुदेश जी राज्य विकास परिषद के प्रति अब तक गंभीर नहीं

    किसी प्रदेश का विकास सिर्फ बड़े लॉंन्चिंग व टार्गेट बनाने से नहीं होता, जब तक एक्शन प्लान तैयार न हो। सपना देखना अच्छी बात है और सभी को देखना भी चाहिए, पर हमारे पैर हमेशा जमीन पर रहने चाहिए।”

  • 13 August

    झारखण्ड और बंगाल के बीच रंगों की लड़ाई में पिसती जनता!

    मौसमी रोजगार के लिये प्रति वर्ष लाखों की संख्या में पश्चिम बंगाल जाने वाले उन श्रमिकों का क्या होगा जो अपने परिवार का भरण-पोषण, धनकटनी व अन्य कार्यों के माध्यम से करते हैं? उन दिहाड़ी मजदूरों, छोटे व्यवसायियों के परिवार का भरण-पोषण कैसे होगा जिनके मुखिया पश्चिम बंगाल में रोटियाँ तलाशने जाते हैं?

  • 11 August

    भूख से मौत प्रकरण में भाजपा पर उठते गंभीर प्रश्न  

    कभी भी यह सुनने-पढने को नहीं मिला कि केंद्र ने इस घटना में आगे बढ़कर जाँच करवाने का कोई प्रयास किया या रघुवर सरकार से कोई जवाब तलब ही किया हो? उल्टा, अमित शाह  झारखण्ड आने के उपरान्त उनकी पीठ थपथपा कर चले गए।

  • 11 August

    कंबल घोटाले के दबे राज उजागर कब होंगे…?

      कंबल घोटाला प्रकरण के मद्देनज़र खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय जी ने सीएम रघुवर दास जी को चिट्ठी लिखकर सलाह दिया था कि मामले की गंभीरता से लेते हुए इसकी जाँच सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसी से करायी जानी चाहिए। मंत्री राय के अनुसार इस घोटाला का खेल चारा घोटाले …