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Editorial

samadiya

October, 2018

  • 3 October

    “ झारखंड संघर्ष यात्रा ” – झारखंडियत-आदिवासियत की रक्षा

    “ झारखंड संघर्ष यात्रा ”

    “ झारखंड संघर्ष यात्रा ” प्रकरण में नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन का कहना है कि यह संघर्ष यात्रा दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रेरणा और आशीर्वाद से हो रहा है। उनका कहना है कि गुरूजी ने कहा है कि जिस प्रकार अलग झारखंड के लिए झारखंड आन्दोलन करना पड़ा ठीक …

September, 2018

  • 23 September

    विस्थापन झारखंडी आदिवासी-मूलवासी का पर्याय !

    झारखंडी आदिवासी-मूलवासी का विस्थापन

    दशक, 1990 के आरम्भ से झारखण्ड राज्य (2001 के पूर्व बिहार) के नीतिगत ढाँचे में आये नवउदारवादी बदलाव के बाद से राज्य में प्रायोजित हिंसा बढ़ने से देश की अधिकांश आदिवासी-मूलवासी आबादी भीषण ग़रीबी के प्रभाव में रसातलिय जीवन जीने को अभिशप्त हैं। आदिवासियों-मूलवासियों की जल, जंगल, जमीन, नदियों, चरागाह, …

  • 23 September

    बेरोज़गारी से त्रस्त झारखंडी युवा आत्महत्या को मजबूर

    बेरोज़गारी के आलम

    बेरोज़गारी के आलम में छात्र कर रहे हैं आत्महत्या  यदि सरकारी आँकड़ों की ही माने तो 2014 से 2016 के बीच देश के 26 हज़ार 500 युवाओं ने आत्महत्या कर ली। वैश्विक दौर के इस परिवेश में देश में 20 की उम्र से लेकर 30-35 वर्ष के नौजवान डिप्रेशन की बीमारी …

  • 23 September

    स्थानीय लघु उद्योगों को दरकिनार करती रघुवर सरकार

    स्थानीय लघु उद्योगों को दरकिनार करती रघुवर सरकार

    स्थानीय लघु उद्योगों से दूरी बनाती रघुवर सरकार सवाल वाकई अबूझ है कि यदि मुख्यमंत्री पद के किसी भी दावेदार को मुख्यमंत्री बना दिया जाये तो वह करेगा क्या? यहां ये सवाल भी महत्वपूर्ण है क्योंकि जो मौजूदा मुख्यमंत्री हैं उन्होंने ऐसा किया ही क्या है जिससे लगे की उन्हें …

  • 1 September

    रघुवर सरकार ने आदिवासी बच्चों के छात्रवृति रोकी

    रघुवर दास जी ने अपने जनसभा कार्यक्रम में बड़ी चालाकी से अपनी नाकामियां छुपाते हुए सभी नाकामियों का ठीकरा दबंगता पूर्वक अधिकारियों के सर फोड़ राज्य की जनता को अपनी सरकार का दामन साफ़ बता दिया है। परन्तु इस प्रकार के कार्यकर्मों का आयोजन कर वे अपना पल्ला झाड़कर यहाँ …

August, 2018

  • 24 August

    सरकार की दमनकारी नीतियों कर खिलाफ झारखंडियों का हल्ला बोल

    आदिवासी-दलितों, अल्‍पसंख्‍यकों, वामपंथी कार्यकर्ताओं पर सत्‍ता द्वारा दमन की घटनाएँ बढ़ती जा रही हैं। एक ओर जो कोई भी रघुवर सरकार और भाजपा के ख़तरनाक एजेण्‍डे के विरोध में आवाज़ बुलंद करने का प्रयास करते हैं  उसे फ़र्ज़ी मुक़दमे के अंतर्गत जेल में डालना, उस पर भीड़ को उकसाकर हमले …

  • 22 August

    खिलाड़ी और खेल के प्रति सरकार का उदासीन रवैया क्यों?

    खेल - खिलाड़ी

    इस सन्दर्भ में नाम न छापने के अनुरोध कर कुछ खिलाड़ी अपना दुःख बयाँ करते हुए ये बताने से नहीं चुके कि झारखंड में फुटबॉल के खेल में सिर्फ खानापूर्ति हो रही है।

  • 20 August

    धनपशुओं के लिए हरमू नदी साबित हुई दुधारू गाय

    नगर निगम के प्रस्तावित प्लान में कई खामियां है, जैसे मात्र 7 नालियों को ही सीवरेज से जोड़ा जाना है और 82 नालों को ऐसे ही छोड़ा दिया गया है। भारत सरकार की एजेंसी नेशनल इंवायरमेंटल इंजीनियर्स रिसर्च इंस्टीट्यूट (नीरि) के सर्वे में 82 नालियों को चिन्हित किया गया है।

  • 16 August

    हम भारत के लोग …?

    अशोभनीय टिप्पणी को लेकर समाज में हफ्तों चर्चाएं हो सकती हैं तो एक लोकतांत्रिक देश में 72 वें स्वतंत्र दिवस के महज चंद दिनों पहले संविधान की प्रतियां जला दी गई और उसपर सरकारों का या प्रधान मंत्री के लालकिले के प्राचीर से दिए गए भाषण में कोई पक्ष तो छोड़िये जिक्र तक ना होना, इसे कैसे देखा जाए या क्या इशारा करती है?

  • 14 August

    पाबन्दियों और कानूनी शब्दाडम्बरों के मायाजाल से जकड़ा 72वां  स्वतंत्रता उत्सव

    इस प्रकार तत्कालीन सरकार द्वारा संशोधित मौजूद मूलभूत अधिकार बेहद सीमित हैं और जनता को जो कुछ अधिकार दिये भी गये हैं उनको भी तमाम शर्तों, पाबन्दियों और कानूनी शब्दाडम्बरों के मायाजाल से जकड़ कर प्रभावहीन बना दिया गया है।