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Editorial

samadiya

October, 2018

  • 15 October

    नीमहकीम बिरादरी दलों पर झामुमो-बसपा की गठबंधन भारी दिखती हुई

    नीमहकीम बिरादरी दलों पर झामुमो-बसपा की गठबंधन भारी

    नीमहकीम दलों को दरकिनार कर झामुमो–बसपा गठबंधन नयी इबारत लिखने को तैयार सभी नीमहकीम संज्ञा से परिचित होंगे, यह बिरादरी रोग के लक्षणों (symptoms) को ही मर्ज समझ बैठते हैं या फिर एकाध लक्षणों को टटोलकर मर्ज की जड़ तक पहुँचने का दावा करते फिरते हैं। जबकि वैज्ञानिक दृष्टिकोणीय डॉक्टर मर्ज के …

  • 13 October

    कुरमी बहुल क्षेत्र (सिल्ली ) में भी आखिर सुदेश महतो क्यों हारते हैं !

    कुरमी बहुल क्षेत्र

    सुदेश की कुरमी बहुल क्षेत्र सिल्ली उपचुनाव में हार उनकी दोहरी नीति के कारण हुई  –पीसी महतो (चक्रधरपुर) की कलम से झारखण्ड में हुए इस वर्ष सिल्ली उपचुनाव में सुदेश महतो की हार के कई मायने हैं। इन दिनों सुदेश महतो की आजसू (पार्टी) झारखंड में भाजपा सरकार की सहयोगी दल …

  • 10 October

    स्वास्थ्य व्यवस्था से खिलवाड़ करती रघुबर सरकार

    स्वास्थ्य व्यवस्था

    झारखण्ड राज्य में रघुबर सरकार ने सत्ता में आने के बाद स्वास्थ्य-नीति में संशोधन किया और कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं पर अधिक पैसा खर्च करेगी। स्वास्थ्य व्यवस्था को पुनः संगठित करने की भी बात कही थी, परन्तु राज्य के #स्वास्थ्य क्षेत्र में बदलाव होने के बजाय हाल और बुरा हो …

  • 9 October

    ‘ लेबर चौक ’ हैं झारखण्ड के या पशुओं का मेला

    लेबर चौक

    आमतौर पर झारखण्ड के किसी शहर में इस प्रकार का कोई नामित चौक नहीं होता। फिर भी इस राज्य के हर प्रमुख चौक को सुबह 6 बजे से 8 बजे तक  ‘ लेबर चौक ’ कहा जाता हैं। यहाँ कई किस्म के मज़दूर जमा होते हैं। राजमिस्त्री, पुताई मिस्त्री, सेटरिंग …

  • 8 October

    आजसू पार्टी द्वारा NIA जांच की मांग केवल सेंटीमेंट भड़काना है

    आजसू पार्टी NIA जांच क्यों कारवाना चाहती है

    क्या आजसू पार्टी के सुदेश महतो नहीं पता NIA नहीं बल्कि CBI देश का सर्वोच्च जांच एजेंसी है –पीसी महतो (चक्रधरपुर) की कलम से… जमात की राजनीति करने का दावा करने वाले आजसू पार्टी के सुप्रीमों सुदेश महतो चुनाव के समय जात की राजनीति में उतर आते हैं। एक जाति …

  • 8 October

    दलित छात्रों का अपमान क्यों नहीं खलता भाजपा नेताओं को ?

    दलित छात्र का अपमान

    भारत देश आज असंख्य जातियों में विभाजित है और देश में जाति आधारित अनगिनत संगठन विद्यमान हैं। तकरीबन सभी जाति के पास अपने से नीचे देखने के लिए एक जाति है। इसी मनुवादी सोच में सबसे नीचे समझे जाने वाले दलितों के प्रति हिंसा हर वक़्त जारी है। राष्ट्रीय मानवाधिकार …

  • 5 October

    जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट और झारखंडी विस्थापित

    जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट ( डीएमएफ )

    सरकार, अदालतें और मीडिया खनन को वैध तरीके से चलाने की पुरज़ोर वकालत करते हैं। लेकिन मज़दूरों, मेहनतकशों के सामने तो असली सवाल यह है कि जहाँ यह ख़नन वैध तरीके से चल रहा है क्या वहाँ श्रम की लूट और प्रकृति का विनाश रुक गया है? अगर नहीं तो …

  • 4 October

    हेमंत सोरेन – झारखंडी आवाम और सघर्ष यात्रा

    हेमंत सोरेन-झारखण्ड संघर्ष यात्रा

    हेमंत हम -हेमंत हम उद्घोष के कैनवास तले झारखण्ड संघर्ष यात्रा  ऐसा प्रतीत होता है मानो इस झारखण्ड राज्य में माल्याओं , मोदियों, अम्बानियों, टाटाओं जैसों को ही अपनी बात कहने का हक़ रह गया है? आमजनों को तो शान्तिपूर्ण विरोध करने और अपनी बात रखने का भी हक़ नहीं है। अगर वे प्रयास …

  • 3 October

    “ झारखंड संघर्ष यात्रा ” – झारखंडियत-आदिवासियत की रक्षा

    “ झारखंड संघर्ष यात्रा ”

    “ झारखंड संघर्ष यात्रा ” प्रकरण में नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन का कहना है कि यह संघर्ष यात्रा दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रेरणा और आशीर्वाद से हो रहा है। उनका कहना है कि गुरूजी ने कहा है कि जिस प्रकार अलग झारखंड के लिए झारखंड आन्दोलन करना पड़ा ठीक …

September, 2018

  • 23 September

    विस्थापन झारखंडी आदिवासी-मूलवासी का पर्याय !

    झारखंडी आदिवासी-मूलवासी का विस्थापन

    दशक, 1990 के आरम्भ से झारखण्ड राज्य (2001 के पूर्व बिहार) के नीतिगत ढाँचे में आये नवउदारवादी बदलाव के बाद से राज्य में प्रायोजित हिंसा बढ़ने से देश की अधिकांश आदिवासी-मूलवासी आबादी भीषण ग़रीबी के प्रभाव में रसातलिय जीवन जीने को अभिशप्त हैं। आदिवासियों-मूलवासियों की जल, जंगल, जमीन, नदियों, चरागाह, …