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Editorial

samadiya

December, 2018

  • 12 December

    चुनावों में क्यों राष्ट्रीय दलों का क्षेत्रीय दलों के आगे दम फूल रहा है  

    विधानसभा चुनावों के परिणाम

    विधानसभा चुनावों में मिले जनादेश का अलग मिज़ाज  देश में पहली बार किसान-मजदूर-बेरोजगारी जैसे मुद्दे सतह पर आये तो विकास का रंग फिका पड़ गया। यह कहना आसान हो गया कि 2014 में उगा सितारा 2019 में डूब जायेगा। साथ में यह भी उभरा कि आकड़ो के लिहाज से विस्तार …

  • 10 December

    अलग झारखण्ड में वन अधिकार अधिनियम की ज़मीनी हकीकत

    वन अधिनियम 2006

    वन अधिकार अधिनियम की ज़मीनी हकीकत किसी कवि ने अपने शब्दों में कितना सुंदर झारखण्ड का चित्र उकेरा है। सम्पूर्ण छोटा नागपुर एक लम्बा लहरदार-घुमावदार पहाड़ की तरह है…, इसके केंद्र में पठार है…, यह पूरा इलाका कमोवेश घने जंगलों से पटा है…, जब निचले और लहरदार ढलान में असंख्य …

  • 6 December

    अमित शाह के हाथों में है झारखंड के भविष्य का असल कमान

    अमित शाह

    प्रधानमन्त्री ने बयान दिया था  कि देश को कुशल और सस्ते श्रम का भण्डार बनाया जायेगा। मतलब आने वाले समय में देश के करोड़ों-करोड़ युवा को देशी-विदेशी पूँजी की लूट और शोषण के लिए पेश किया जायेगा। पूंजीपति हमें गुलाम बनाकर हमारी ही ज़मीनों पर काम करा सकें इसके लिए …

  • 5 December

    भाजपा समर्थक के पिता के हत्यारे को क़ानून-व्यवस्था ताक पर रख किया गया रिहा

    क़ानून-व्यवस्था

    झारखंड राज्य की क़ानून-व्यवस्था की स्थिति को देख कर आसानी से यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि संविधान से छन-रिसकर जो सीमित जनवादी  अधिकार प्राप्त होते हैं, उनका बड़ा हिस्सा क़ानून-व्यवस्था के मकड़जाल में अटक जाता है। बमुश्किल वहाँ से जो जनवादी अधिकार के कुछ क़तरे निकलते भी हैं …

November, 2018

  • 23 November

    कोलेबिरा उपचुनाव : कोलेबिरा की जनता को भ्रष्टाचार, अपराध से आजादी मिलेगी !

    कोलेबिरा उपचुनाव एनोस एक्का की लालच का साबुत

    विधायक एनोस एक्का के आजीवन कारावास होने के बाद से खाली पड़ी कोलेबिरा सीट पर, संवैधानिक बाध्यता के मद्देनजर निर्वाचन आयोग ने उपचुनाव की  तिथि 20 दिसंबर एवं मतगणना तिथि 23 दिसंबर मुकर्रर की है। साथ ही इसकी अधिसूचन 26 नवंबर तक जारी होगी। ज्ञात हो कि झारखण्ड में लोहरदगा, पांकी, …

  • 20 November

    शिक्षक कभी गुंडा नहीं हो सकता है, रघुबर दास जितनी जल्दी समझ लें अच्छा होगा

    ‘शिक्षक कभी गुंडा नहीं हो सकता है’

    रघुबर दास जितनी जल्दी समझ लें कि शिक्षक कभी गुंडा नहीं हो सकता है स्वर्गीय श्री अटल बिहारी बाजपेयी जी ने प्रधानमंत्री रहते हुए सर्व शिक्षा अभियान शुरू किया था। इसी के अंतर्गत पारा शिक्षकों की बहाली की गयी थी। नियुक्ति के समय ही सरकार द्वारा ये आश्वासन दिया गया था …

  • 9 November

    आदिवासी भाजपा के नजरों में जमींदार और कॉर्पोरेट जगत नवगरीब

    आदिवासी

    रघुवर सरकार आदिवासी को जमींदार और कॉर्पोरेट जगत को गरीब एवं भूमिहीन मानती है  देश में नयी आर्थिक नीतियों के लागू होते ही कल्याणकारी राज्य की अवधारणा का अर्थ किस प्रकार परिवर्तित हुआ इसका जीवंत मिसाल झारखंड के रूप में देखा जा सकता है। यहाँ के लोक शब्दों में बयाँ करें …

  • 8 November

    आदिवासी क्या हिन्दू हैं और सरना धर्म जैसा कोई धर्म नहीं ?

    क्या सरना धर्मवाली ही आदिवासी हैं

    भाजपा एवं उसके अनुषांगी दल के ऐसे कई उदाहरण हैं जिस आधार पर कहा जा सकता है कि ये  देश की राजनीति में हमेशा दोहरा खेल खेलते हैं। जैसे झारखंड में हिन्दू-मुसलमान, जाति-पाति, 11 बनाम 13 जिले, बाहरी-भीतरी और अब आदिवासी भाई में फूट डलवाने या गुमराह करने के लिए …

October, 2018