बीआरओ

बीआरओ के लिए कोरोना संकट के बीच झारखंडी श्रमिकों की रवानगी

Share on facebook
Share on twitter
Share on linkedin
Share on telegram
Share on whatsapp

कोरोना संक्रमण के मामले भारत ब्रिटेन से निकला आगे

झारखंड राज्य के 9 जिलों में 48 कोरोना के मरीज़ पाए गए हैं। इसके साथ, राज्य में संक्रमितों की संख्या 1599 हो गई है। राज्य में 630 मरीज़ ठीक होकर घर लौट चुके हैं। मरीज़ों की बढ़ती संख्या के मद्देनज़र राज्य के दो जिलों, सिमडेगा और पूर्वी सिंहभूम के रेड जोन में जाने की संभावना है। जमशेदपुर में सक्रिय रोगियों की संख्या 172 के साथ रेड जोन के मुहाने पर है।

जबकि, दुनिया भर में कोरोनो वायरस प्रभावित देशों की सूची में भारत चौथे नंबर पर पहुंच गया है। लगातार चौथे दिन लगभग 10,000 मामलों की रिपोर्ट के बाद, संक्रमण के कुल मामले 2,97,535 हो गए हैं। जो ब्रिटेन के 2,92,860 संक्रमित से अधिक है। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों ने खुद इसकी पुष्टि की है।

बीआरओ

झारखंड सरकार श्रमिकों के हित में किसी भी प्रकार की लापरवाही के पक्ष में नहीं

इसी संकट के बीच 12 जून को दुमका जिले के 1500 श्रमिक चीनी सीमा पर सड़क निर्माण के लिए लेह-लद्दाख के लिए रवाना होंगे। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद इस विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाएँगे। ये सभी श्रमिक बीआरओ के लिए काम करने जा रहे हैं। झारखंड के मेहनतकश श्रमिक देश के हित और विकास में योगदान देने के लिए तत पर हैं।

इस सिलसिले में बीआरओ के अतिरिक्त महानिदेशक ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से शिष्टाचार मुलाकात की। जिसमें यह सामने आया कि श्रमिकों को लेने से पहले बीआरओ अधिकारी और जिला प्रशासन के बीच एक समझौता ज्ञापन होगा। जो श्रम कानूनों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करेगा।

  • न केवल श्रम कानूनों के प्रावधानों के अनुसार श्रमिकों की भर्ती में पारदर्शिता होगी। बिचौलियों की भूमिका भी खत्म होगी।
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड राज्य के श्रमिकों को श्रम कानूनों के प्रावधानों के तहत हर महीने उनके बैंक खाते में मजदूरी का भुगतान किया जाएगा। साथ ही सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा।

बीआरओ / सेना को भी इनके मेहनत और ईमानदारी पर है विश्वास

इस सम्बन्ध में हेमंत सोरेन का कहना है कि – कारगिल युद्ध से ही झारखंडी श्रमिकों ने हमेशा अपने कार्यबल के साथ देश की सीमाओं को सुरक्षित करने के लिए काम किया है। हमारे देश की सेना भी इनकी मेहनत और ईमानदारी पर विश्वास करती है। लेकिन सालों तक बिचौलिए के चक्कर में फंसे रहे – उन्हें न तो उनके श्रम का उचित मूल्य मिला और न ही सम्मान और सुविधाएँ मिलीं।

मसलन, झारखंड सरकार श्रमिकों के हित में किसी भी प्रकार की लापरवाही के पक्ष में नहीं है। और इस कोरोना संकट में अपने कामगारों की ट्रैकिंग से लेकर सभी प्रकार की समस्याओं के साथ प्रत्यक्ष भागीदारी का इरादा व्यक्त किया है। बीआरओ के परियोजना के लिए सात विशेष रेलगाड़ियों को मंजूरी दी गई है, जो 12 जून और 4 जुलाई के बीच खुलेगी। छह ट्रेनें दुमका से और एक देवघर से खुलेगी।

Share on facebook
Share on twitter
Share on linkedin
Share on telegram
Share on whatsapp

This Post Has One Comment

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Related Posts