भाजपा शासन में झारखंड में खेल और खिलाड़ियों को मिली सिर्फ बार्बादी

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खेल और खिलाड़ियों

खेल और खिलाड़ियों को झारखंड राज्य की ताकत बनाने के लिए तत्पर हैं हेमंत सरकार

रांची : झारखंड में, भाजपा शासन में खेल और खिलाड़ियों स्थिति रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम के उदाहरण भर से समझी जा सकती है. स्टेडियम को जीर्णोद्धार के नाम पर मरने के लिए छोड़ दिया गया था। कहा कुछ और गया लेकिन, सच अतिक्रमण व पिछलग्गुओं को लाभ पहुंचाने के मद्देनज़र फाइलों में स्टेडियम को मंडी का शक्ल देने का निकला. जो आज मिट्टी के विशाल टीले का सच लिए अपनी, खेल और खिलाड़ियों की दुर्दशा बयान कर रही थी. स्टेडियम के ज़मीन को व्यावसायिक उपयोग करने की पूरी तैयारी रघुवर सरकार ने कर ली थी. 

ज्ञात हो जयपाल सिंह स्टेडियम जर्जर व गिरने की स्थिति में था. खेल गतिविधियां ठप हो गयी थी. लेकिन किसे पता था कि अब वहां स्टेडियम का नामों निशाँ मिटने वाला था. हेमन्त सोरेन की सरकार सत्ता में आयी तो मामला संज्ञान में आया. बजट में स्टेडियम के जीर्णोद्धार के लिए पांच करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई. जल्द ही यह स्टेडियम फिर से अपने शानो-शौकत के साथ अस्तित्व में आएगा. और यह स्टेडियम राज्य के खेल प्रतिभा को निखारने के लिए फिर एक बार तैयार होगा.

सरकार के प्रयासों से राज्य के खिलाड़ियों को फिऱ से मिली है ऊर्जा 

ज्ञात हो झारखंड में खेल गतिविधियों को फिर से शुरू करने. राज्य में खेल संस्कृति को नए सिरे से गढ़ने और बढ़ावा देने में हेमंत सरकार की पहल सराहनीय हो सकती है. जिसके परिणाम अब सामने आने लगे हैं. कोविड 19 के प्रकोप की वजह से बीते साल खेल गतिविधियां बंद रहीं. लेकिन, नए साल के शुरुआत से ही एक बार फिर से शुरू हो गयी है. सरकार के प्रयासों से न केवल राज्य के खिलाड़ियों को फिऱ से ऊर्जा मिली है. वे राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना विजय ध्वज भी फहराने लगे हैं. युवा और ऊर्जावान खेल मंत्री हफीजुल हसन भी निरंतर खेल व खिलाड़ियों के प्रोत्साहन में लगे हैं.

राज्य में खेल एवं खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने हेतु सरकार ने सीधी नियुक्ति के तहत, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राज्य के खिलाड़ियों को सीधी नियुक्ति कर झारखंड के सुनहरे भविष्य की ओर कदम बढ़ा दिया है. झारखण्ड के लोगों व खिलाड़ियों के लिए यह पहला मौका है, जब खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी में सीधी नियुक्ति हुई है. जिससे राज्य के खिलाड़ियों में नयी ऊर्जा का संचार हुआ है. राज्य में खेल के लिए नया वातावरण तैयार हो सका है. 

राज्य में पहली बार नयी खेल नीति की रूप-रेखा तैयार 

हेमंत सरकार यहीं न रुकते हुए पहली बार नयी खेल नीति की ओर कदम बढ़ा दिया है. इसके तहत राज्य में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाने पर जोर दिया गया है. 

  • राज्य सभी गांव-पंचायतों तक सिद्धो-कान्हों युवा क्लब बनेगा. 
  • सरकार की तरफ से आर्थिक मदद दी जाएगी. 
  • पोटो-हो खेल विकास योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 1831 ग्रामीण खेल मैदानों का निर्माण किया जा रहा है. जिससे  झारखण्ड के सुदूरवर्ती इलाकों में भी खेल को बढ़ावा मिलेगा. 

झारखंड में राष्ट्रीय स्तर की दो खेल प्रतियोगिताएं का सफल आयोजन हुआ –

  1. सिमडेगा में सब जूनियर राष्ट्रीय हॉकी खेल प्रतियोगिता.
  2. रांची में सब जूनियर वुशू प्रतियोगिता. 

ज्ञात हो इन प्रतियोगिताओं में देश के लगभग सभी राज्यों के खिलाड़िय़ों ने हिस्सा लिया. मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने इस मौकों पर कहा भी है कि, यह सिर्फ शुरुआत भर है। अभी झारखंड को खेल के क्षेत्र में लंबी दूरी तय करनी है। हेमंत सरकार द्वारा उठाए गए कदम भी कुछ इसी दिशा में इशारा करते हैं.

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