मुंह से निवाला

बीजेपी सत्ता ने छीना था 11.30 लाख झारखंडियों के मुंह से निवाला, अब वैसे 15 लाख लोगों को मिलेगा राशन

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जनविरोधी रघुवर सत्ता ने बिना ठोस कारण रद्द किए थे 11.30 लाख गरीब झारखंडियों के राशन कार्ड, विभागीय मंत्री ने उठाये थे सवाल 

झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना की होगी शुरूआत, इसके लिए हेमंत सरकार ने स्वीकृत किए 213 करोड़

राँची। प्रदेश की पूर्ववर्ती बीजेपी की डबल इंजन रघुवर सत्ता ने अपने 1,000 दिनों के शासन को गौरवपूर्ण बताया था। रघुवर दास ने कई मंचों पर दावा करते थे कि उनके 1,000 दिनों के शासन में  राज्य की तरक्की के लिए जो काम हुए, जो नीतिगत फैसले हुए, वह पिछले 14 सालों के इतिहास में नहीं हुए। 

सही कहते थे, बस केवल उसका भावार्थ उलट थे। इसमें उनका दोष नहीं, चुनावों के मौसम में अक्सर भाजपा नेता बहक जाते हैं। इसके देश भर में कई उदाहरण मौजूद है। वह बताना भूल गए कि राज्य में पहली बार उनके ही शासन में 11.30 लाख गरीब झारखंडियों के राशन कार्ड रद्द कर उनके मुंह से निवाला छीन लिया गया। जिससे गरीब झारखंडियों के भूखे मरने की नौबत आ गयी। राज्य में भूख से हुई कई मौतें इसका प्रत्यक्ष उदाहरण हो सकते हैं।  

तानाशाही के आलम में उस सत्ता ने महज खानापूर्ति के लिए भी यह भी गवारा नहीं समझा कि राशन रद्द करने कोई ठोस कारण दर्शा दिए जाए। वहीं दूसरी तरफ एक झारखंडी सरकार देने के वादे से सत्ता में आयी हेमंत सरकार ने राज्य के 15 लाख गरीबों को अनुदान पर खाद्यान उपलब्ध कराने का फैसला लिया है। सरकार के मुताबिक यह योजना वैसे गरीब जनता के लिए है, जिनके राशन कार्ड रद्द कर दिए गए थे, राशन कार्ड नहीं है। या जिन्हें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत राशन नहीं मिलता है।

213 करोड़ रूपये की राशि आवंटित

इसके लिए हेमंत सरकार ने बाक़ायदा कैबिनेट की बैठक में झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना की शुरूआत की स्वीकृति भी दी है। योजना को सुचारु रूप से चलने के लिए राज्य सरकार ने 213 करोड़ रूपये की राशि भी आवंटित कर चुकी है। 

रघुवर के चहेते अधिकारियों में से एक राजबाला वर्मा ने  दिया था राशन कार्ड रद्द करने का निर्देश

मार्च 2017, तत्कालीन बीजेपी की रघुवर सरकार ने राज्य के कुल 11.30 लाख गरीब जनता के राशन कार्ड रद्द कर दिया था। लेकिन, गरीबों के मुंह से निवाला छीनने वाली उस सरकार द्वारा राशन कार्ड रद्द करने का कोई ठोस कारण नहीं बताया गया। तत्कालीन खाद्य आपूर्ति मंत्री (वर्तमान में निर्दलीय विधायक) सरयू राय ने अपनी सरकार की कार्यशैली पर ही कए सवाल उठाया था। 

उनका अब भी कहना है कि विभागीय मंत्री रहते हुए उन्होंने राशन कार्ड रद्द करने के निर्देश को स्वीकृति नहीं दी थी। रघुवर दास के प्रिय अधिकारियों में से एक तत्कालीन मुख्य सचिव राजबाला वर्मा द्वारा, 27 मार्च 2017 को 11.30 लाख राशन कार्ड रदद कर दिया गया। रद्द करने के दौरान राजबाला वर्मा ने केवल इतना कहा था कि रद्द किए राशनकार्डधारिओं के पास आधार कार्ड नहीं थे। 

रघुवर शासन में भूखे रहने की नौबत आ गयी थी उन 11.30 लाख लोगों के समक्ष

रघुवर दास के अचानक लिये गए तानाशाही निर्णय से उन 11.30 लाख लोगों के समक्ष भूखे मरने की नौबत आ गयी थी। जाहिर है कि राशन कार्ड उन्हीं के बनाते है, जो दबे-कुचले व गरीब वर्ग से आते हैं। एक तरफ रघुवर दास की नीतियों से झारखंड में बेरोजगारों की संख्या में बढ़ौतरी होने के कारण लोगों के समक्ष जीविका का संकट था, तो दूसरी तरफ अचानक उनके मुंह से निवाला छीन लिए जाने से राज्य का हश्र यह हुआ कि लोग भूखे मरने को मजबूर हो गए।

राज्य की जनता अब भाजपा के डबल इंजन वाली रघुवर सत्ता के मायने समझ चुकी थी। उसने इस बार वैसे नेता को सत्ता का बागोडर सौंपने का मन बनाया, जो झारखंडियों के दर्द को समझता हो। मसलन, लोगों ने इस बार ठीक से परख कर जेएमएम के युवा नेता हेमंत सोरेन को मुख्यमंत्री तौर पर सामने रखा। 

युवा हेमंत ने भी उन्हें निराश नहीं किया है। सत्ता संभालते ही उस युवा मुख्यमंत्री ने अपने वादों को सूझ-बुझ व स्थिरता से एक-एक कर निभाना शुरू कर दिया है। हालांकि, कोरोना संकट से झारखंड के बचाव में लगाये गये लॉकडाउन के कारण गति थोड़ी धीमी ज़रूर है, लेकिन सीमित संसाधनों के बावजूद यह सरकार झारखंडी जनता के लिए हर संभव मगर निर्णायक कदम उठा रही है। इसी मंशा के तहत सरकार द्वारा पिछले दिनों झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना की स्वीकृति दी गयी। 

रघुवर सत्ता में जहाँ भूखे मरने को मजबूर थे, वहां अब 15 लाख लोगों को मिलेगा मात्र 1 रूपये में 1 किलो राशन

हेमंत सरकार में, खाद्य सुरक्षा योजना के तहत, राज्य के 15 लाख गरीबों को अनुदानित दर पर खाद्यान उपलब्ध होगी। अनुदानित दर के अंतर्गत झारखंड के गरीब लोगों को मात्र 1 रूपये प्रति किलो प्रति लाभुक को हर माह 5 किलो खाद्यान उपलब्ध कराई जाएगी। जाहिर है हेमंत सरकार के इस ऐतिहासिक व निर्णायक फैसले से बीजेपी की डबल इंजन वाली रघुवर शासन में परेशानी झेल चुके गरीब झारखंडी जनता को एक बड़ी राहत मिलेगी।

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