भाजपा कार्यकर्ताओं में नहीं है कानून का डर, पुलिस अधीक्षक के पहले दो राज्यों के सीएम के खिलाफ भी कर चुके हैं घिनौनी हरकत

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भाजपा कार्यकर्ताओ

भाजपा कार्यकर्ताओं के हुडदंग से झारखण्ड भी नहीं रहा अछूता, यहां भी साजिश कर भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के सुरक्षा काफिले पर कराया था हमला 

पुलिस अधीक्षक पर कार्यकर्ताओं द्वारा थप्पड़ जड़ना केवल भाजपा राज्य में ही संभव 

रांची. भाजपा कार्यकर्ताओं में आज कानून का कोई डर ही नहीं हैं. क्योंकि सत्ता के नशे में चूर भाजपा नेता कानून को हाथ में लेने से नहीं चूक रहे हैं. नतीजन, भाजपा कार्यकर्ता न केवल कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखा रहे हैं, बल्कि पश्चिम बंगाल और झारखण्ड जैसे गैर बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के खिलाफ घिनौनी हरकत भी कर गुजर रहे हैं. उदाहरण के तौर पर ताजा मामला उस राज्य से  हैं, जहाँ कानून व्यवस्था को मुद्दा बनाकर भाजपा शासन में आयी थी. उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार है. जहां नेताओं के शह पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने एक पुलिस अधीक्षक को थप्पड़ जड़ दिया. 

मामला यूपी पंचायत चुनाव में घटी हिंसा, पथराव, गोलीबारी की घटनाओं से सम्बंधित है. इटावा जिले में घटी एक घटना का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. जिसमे इटावा के एसपी सिटी मोबाइल फोन से अपने सीनियर से साफ-साफ बताते नजर आ रहे हैं कि उन्हें भाजपा के लोगों ने थप्पड़ मारा. अगर मामला सही हैं तो ऐसा केवल बेहतर कानून का शासन बनाने का दंभ भरने वाली भाजपा राज्य में ही संभव हैं.

जानिये, भाजपा नेताओं पर एसपी ने क्यों लगाया आरोप

ग्यात हो, उत्तर प्रदेश में इन दिनों पंचायत चुनाव चल रहा है. पुलिस मुस्तैदी से फर्ज निभा रही है. लेकिन भाजपा समर्थक और अन्य विपक्षी पार्टी के समर्थकों के बीच हिंसा की खबरें सामने आ रही है. इटावा में भी एक मतदान केंद्र के पास एसपी सिटी प्रशांत कुमार ड्यूटी कर रहे थे. वहां हिंसा होने के बाद फौरन एसपी ने स्थिति पर काबू पाना चाहा. लेकिन भड़की हिंसा के बीच कार्यकर्ताओं की भीड ने सिटी एसपी को थप्पड़ जड़ दिया. इसके बाद प्रशांत कुमार अपने सीनियर को बता रहे हैं कि ‘ये तो पूरा पत्थर, ईंट लेकर आए हैं. सर, इन्होंने मुझे भी थप्पड़ मारा है. ये लोग बम भी लेकर आए थे. भाजपा वाले, विधायक और जिलाध्यक्ष.’. 

विवादों में रहते हुए भी पुलिस को नहीं बख्श रहे भाजपा कार्यकर्ता

उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद से ही पार्टी से जुड़े लोगों के विवादों की खबर में लगातार इजाफा हुआ है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कानून व्यवस्था को सुधारने की बात करते हैं, वहीं दूसरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हिदायत के बाद भी भाजपा नेता और कार्यकर्ता सुधरने का नाम नही ले रहे. वे पुलिस को भी बख्श नहीं रहे हैं. इससे पहले भी राज्य के बुलंदशहर जिले में केवल चालान काटने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने महिला CO श्रेष्ठा शर्मा से बदसलूकी की थी. उस वक्त भी भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा पुलिस के साथ हाथापाई की गयी थी. 

भाजपा कार्यकर्ता तो राज्य के मुख्यमंत्रियों तक को नहीं छोड़ रहे 

आकाओं का समर्थन पाकर भाजपा कार्यकर्ता केवल पुलिस कर्मियों के साथ ही मारपीट नहीं कर रहे, बल्कि उन्होंने गैर भाजपा शासित मुख्यमंत्रियों तक को नहीं बक्शा है. साल 2017, यूपी के एक जिले के भाजपा कार्यकर्ता ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लेकर विवादित बयान दिया था. भाजपा कार्यकर्ता ने कहा था कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का सिर कलम कर लाने वाले को 11 लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा. बयान से देश का सियासी माहौल ही गरमा गया था. 

चंद महीनों पहले झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के सुरक्षा काफिल पर एक सोची-समझी राजनीतिक शाजिश के तहत, भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा हमला कराया गया. हालांकि, हमले का मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी है. लेकिन वह आरोपी कोई और नहीं बल्कि भाजपा से जुड़ा स्थानीय नेता है.

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