बिरसा कृषि विश्वविद्यालय बनेगा केंद्रीय विश्वविद्यालय, कृषि विकास में बनेगा अहम सेतु

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बिरसा कृषि विश्वविद्यालय

हेमन्त सरकार के द्वारा कृषि विकास हेतु बिरसा कृषि विश्वविद्यालय को केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय बनाने की दिशा में कदम उठाये जा रहे हैं  

रांची . झारखण्ड राज्य में बिरसा कृषि विश्वविद्यालय की भूमिका कृषि विकास के क्षेत्र में अहम है. राज्य के किसानों की दशा और दिशा बदलने में बीएयू की भूमिका को नकारा नहीं जा सकता. राज्य में बिरसा किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं. किसानों को कृषि यंत्र के साथ-साथ बीज का वितरण व किसान क्रेडिट कार्ड से आच्छादित किया जा रहा है. विश्वविद्यालय के तकनीकी विकास एवं तकनीकी हस्तान्तरण तथा तय मानकों के अनुरूप सहयोग देना महत्वपूर्ण है. छात्रों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा एवं प्लेसमेंट के अवसर भविष्य में झारखंड के भविष्य के लिए महत्त्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकती है. 

झारखण्ड आदिवासी बहुल राज्य है और राज्य का विकास एवं दशा कृषि से ही बदलेगा. ज्ञात हो कृषि विश्वविद्यालय के अस्तित्व में स्व. कार्तिक उरांव का सराहनीय योगदान रहा है. कृषि विभाग एवं विश्वविद्यालय को हर स्तर पर अधिकाधिक बिरसा किसानों को तकनीकी से जागरूक कर सकता है. किसानों को कृषि उत्पादों का मुनासिब मूल्य मिले तो राज्य में किसानी की दिशा बदल सकती है. हालांकि, सरकार के द्वारा कृषि विकास हेतु बिरसा कृषि विश्वविद्यालय को केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय बनाने की दिशा में कदम उठाये जा रहे हैं. और प्रत्येक कृषि विज्ञान केन्द्रों को 5 हजार किसानों को जागरूक एवं आत्मनिर्भर बनाने की सलाह दी गयी है.

झारखण्ड कृषि मामलों में, विशेषकर सब्जी उत्पादन में काफी समृद्ध है. जिसे आगे बढ़ाने एवं पंचायत स्तर पर कृषि को बढ़ावा देने की जरूरत है.

हेमंत सरकार द्वारा बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के पशु चिकित्सा संकाय में अनुकम्पा आधारित नियुक्ति पत्र वितरण.

ज्ञात हो, कृषि मंत्री द्वारा विवि के मृत कर्मियों के 22 आश्रितों को अनुकंपा पर आधारित नियुक्ति – पत्र प्रदान किया गया. उन्होंने कहा कि विभागीय स्तर पर नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है. जिसके परिणाम जल्द देखने को मिलेंगे. देश एवं राज्य की बहुतायत आबादी कृषि पर निर्भर है. देश के जीडीपी में कृषि का औसत योगदान 17% और राज्य के जीडीपी में कृषि का औसत योगदान 12% है. उन्होंने कहा कि केंद्र में कृषि का बजट मात्र 7% एवं राज्य में 5 प्रतिशत है. इसमें सुधार के लिए अधिकार एवं कर्तव्य बोध पर ध्यान देना होगा.

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