बेटियों के साथ यौनाचार -क्या झारखंड में भाजपा का यही एक मात्र सच?

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बेटियों के साथ यौनाचार

झारखंड के मुख्यमंत्री एक तरफ राज्य को खेल के क्षेत्र में एक बड़ी शक्ति बनते देखने के लिए जी तोड़ मेहनत करते देखे जा रहे हों. समस्त झारखंड अपने खिलाड़ियों को पर प्रोत्साहित कर रहा हो. ऐसे में भाजपा नेता का राज्य में महिला खिलाड़ी के साथ यौनाचार की खबरें आये. तो राज्य के मनोबल को गिराने भर के लिए काफी हो सकता है. ऐसे में गंभीर सवाल हो सकता है कि झारखंड भाजपा की ब्राह्मणवादी संस्कृति से कैसे पार पाए?

रांची : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन एक तरफ राज्य को खेल के क्षेत्र में एक बड़ी शक्ति बनते देखने के लिए जी तोड़ मेहनत करते देखे जा रहे हैं. बड़े विजन के तहत झारखंड में खेलों को बढावा देने के लिए, सरकारी स्तर पर बड़ी लकीरें खींचते देखे जा रहे हैं. राज्य में प्रतियोगिताओं के आयोजन के सकारात्मक प्रयास हो रहे हैं. राज्य के महिला खिलाड़ियों का मनोबल बढाने के लिए झारखंड सरकार द्वारा नीतियां बनायी जा रही है. खिलाड़ियों को सरकार द्वारा सीधी नियुक्ति व अन्य कई प्रकार के संसाधन मुहैया करायी जा रही हैं.

समस्त झारखंड अपने खिलाड़ियों को हर स्तर पर प्रोत्साहित करने का प्रयास कर रहा हो. ऐसे में झारखंड भाजपा के नेता का राज्य में महिला खिलाड़ी के साथ यौनाचार की खबरे आना. राज्य के मनोबल को गिराने भर के लिए काफी हो सकता है. यौन शोषण के मद्देनजर बाबुलाल मरांडी जैसे झारखंडी नेता का अन्य यौन मामलों की तरह तमाशबीन बने रहना, चुप्पी बरकरार रखना. राज्य को झंझोर रहा है. ऐसे में गंभीर सवाल हो सकता है कि झारखंड भाजपा की ब्राह्मणवादी संस्कृति से कैसे पार पाए?

भाजपा मीडिया प्रभारी संजय मिश्रा उर्फ बुद्धू पंडित पर अंतरराष्ट्रीय महिला खिलाड़ी ने लगाया यौन शोषण का घिनौना आरोप 

झारखंड भाजपा इकाई के पश्चिमी सिंहभूम मीडिया प्रभारी संजय मिश्रा उर्फ बुद्धू पंडित के खिलाफ एक अंतरराष्ट्रीय महिला खिलाड़ी द्वारा यौन शोषण का घिनौना आरोप लगाया गया है. महिला खिलाड़ी ने संजय मिश्रा के विरुद्ध चक्रधरपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है और कोर्ट में अपना बयान भी दर्ज कराया है. दर्ज प्राथमिकी में महिला खिलाड़ी द्वारा संजय मिश्रा पर चक्रधरपुर के चर्चित सागर होटल में यौन शोषण करने का आरोप लगाया है.

भाजपा नेता के पास महिला खिलाड़ी की आपत्तिजनक फोटो थी, जिसके सहारे वह उसे करता था ब्लैकमेल

आरोप लगाया गया है कि अप्रैल 2021 से भाजपा नेता उसे ब्लैकमेल कर शारीरिक शोषण कर रहा था. पीड़िता के बयान के आधार पर पुलिस द्वारा संजय मिश्रा को हिरासत में ले लिया गया है. और आरोपी संजय मिश्रा पर से पूछताछ की जा रही है. प्राथमिकी के अनुसार संजय मिश्रा ने महिला खिलाड़ी की आपत्तिजनक तस्वीर खींची थी. उसी तस्वीर के माध्यम से वह उसे ब्लैकमेल करता था. जानकारी मिली है कि इस मामले की भनक संजय मिश्रा की पत्नी को हो गई थी. जिसे लेकर पति-पत्नी में आए दिन कलह होता था. बताया जाता है कि संजय मिश्रा की पत्नी ने उसके साथ मारपीट भी की थी.

भाजपा नेताओं का महिलाओं के साथ यौनाचार का यह कोई नया मामला नहीं

झारखंड में महिलाओं के साथ यौन शोषण का यह कोई नया मामला नहीं है. इससे पहले भी भाजपा के कई नेताओं व जन प्रतिनिधियों पर यौन शोषण के गंभीर व घिनौने आरोप लगातार लगते रहे हैं. महज चंद  दिनों पहले हजारीबाग के भाजपा नेता शंकर गुप्ता के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज हुआ है. वह भाजपा के हजारीबाग शाखा के पूर्व अध्यक्ष रह चुके थे. वर्तमान में सांसद प्रतिनिधि है. शंकर गुप्ता पेसे से व्यवसायी हैं और उनकी चक्की मील है. खबर के मुताबिक, गत 3 अक्तूबर को एक 13 वर्षीय नाबालिग, भाजपा नेता के मिल में गेंहू पिसाने गई थी. उसी दौरान उन्होंने उसके साथ उसने दुर्व्यवहार किया.

कई भाजपा नेताओं की महिला यौनाचार मामले में हो चुकी है गिरफ्तारी

ज्ञात हो, इस फेहरिस्त में भाजपा के बाघमारा विधायक ढुलु महतो का शीर्ष परे है. जिसे रघुवर शासन में संरक्षण मिला. प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेता बाबूलाल मरांडी के प्रेस सलाहकार सुनील तिवारी पर भी एक महिला के साथ दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ है. वे अपने ही घर में काम करनेवाली नौकरानी के साथ दुष्कर्म करने के मामले में गिरफ्तार हो चुके हैं. मामले में बाबूलाल मरांडी ने आरोपी के पक्ष में पार्टी कार्यालय तक को झोंक दिया.

सांसद संजय सेठ के पीए संजीव साहू भी एक युवती के साथ दुष्कर्म के आरोप मेंगिरफ्तार हो चुके है. भाजपा के युवा मोर्चा नेता पर भी मामला दर्ज हुआ था. ध्यान रहे ये तमाम उदाहरण थाने में दर्ज मामले हैं. भाजपा नेताओं की कारिस्तानियों की ऐसे ही कई मामलों की लम्बी सूची झारखण्ड में मौजूद है.

भाजपा शासन में देश की महिलाए सुरक्षित नहीं 

भाजपा शासन में यौन शोसन के मामले देश भर की स्थिति दयनीय है. ज्ञात हो, जुलाई 2021 में राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, कोरोना महामारी के दौरान महिला आयोग में आयी शिकायतों में पहले की तुलना में 25 फ़ीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है. देशभर में बढ़ते महिला अपराध, मनुवादी नेताओं-मंत्रियों द्वारा औरतों के लिए सुरक्षित माहौल बनाने के वायदों की धज्जियाँ उड़ाते दिखते हैं. अपराधियों व अपराध को छुपाने के मामले में, नाकामी छिपाने में अब भाजपा शासित राज्य के रहनुमा पुलिस-प्रशासन के खुला अवैधानिक प्रयोग से भी गुरेज नहीं कर रहे. ऐसे में भाजपा के बेटी बचाओ बेटी पढाओ के नारे का सच समझा जा सकता है.

बहरहाल, देश का दुर्भाग्य है कि सनातनी धर्म के संस्कारों की रक्षा के मद्देनजर खुद को अगुवा पार्टी बताने वाली की विचारधारा इतनी खोखली हो सकती है. जहाँ यौनाचार के किसी भी मामले में यह पार्टी अपने भाजपा नेताओं के कुकृत्य की निंदा तक नहीं कर पाती है. बल्कि कई मामलों में पार्टी कार्यालय का उपयोग कर आरोपियों को बचाने का प्रयास करती दिखती है. भाजपा नेताओं का बेटियों से दुर्व्यवहार के ऐसे मामले न केवल भाजपा की नैतिकता, शुचिता उसके विचारधारा पर सवाल खड़े करते हैं, उसके बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ नारे के पीछे का सच भी दर्शाती है.

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