“आपके …द्वार” : झारखण्ड के इतिहास में जन समस्याओं के निदान में सराहनीय सरकारी प्रयास 

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“आपके …द्वार” – जन समस्या तत्काल दूर करने के दिशा हेमन्त सरकार का ऐतिहासिक कदम. हासिये के अंतिम छोर पर खड़ी जनता को मिली सरकारी योजनाओं का लाभ…

झारखण्ड में पूर्व की सत्ता-व्यवस्था के लूट-तानाशाही के अक्स में उपजी जन समस्या के मद्देनजर आक्रोश- बेचैनी, व बेबसी से जनता को राहत देने दिशा हेमन्त सरकार का बेहतरीन प्रयास साबित हुआ है “आपके …द्वार” अभियान. तमाम विपरीत परिस्थितियों के बीच त्रस्त जनता की पुकार, उसके आंसुओ को पोंछने की दिशा में कारगर साबित हुआ है यह कार्यक्रम. उस पूर्व की सत्ता-व्यवस्था द्वारा बुने ताने-बाने में जन समस्याओं के गला घोंटने के कुप्रयास को ध्वस्त कर जनहित नयी ऐतिहासिक लकीर खीचने में कामयाब हुई है सरकार का यह अभियान. 

जाहिर है भाजपा के लगभग 17 वर्षों के कुशान से त्रस्त जनता मौजूदा सत्ता के तरफ विश्वास भरी निगाह से ही देखेगी. ऐसे में, मौजूदा सत्ता उन आंखों की बेबसी को महसूस करते हुए “आपके अधिकार – आपकी सरकार आपके द्वार” कार्यक्रम के माध्यम से गति में उन्हें राहत पहुचाये. तो हेमन्त सत्ता के प्रयास को मानवीय व सराहनीय कहा ही जाना चाहिए. और यदि विपक्ष ऐसे प्रयोग पर भी प्रश्न चिन्ह खड़ा करती है तो उसकी पूर्व की शासन प्रणाली का आंकलन कर उसके मंशे को आसानी से समझा भी जाना चाहिए. 

हेमन्त सत्ता महापुरुषों के सपनों को पूरा करने के लिए उनके ही पदचिन्हों पर चल पड़ी है

ज्ञात हो, मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन द्वारा यह मानवीय प्रयास धरती आबा बिरसा मुंडा के जन्मदिन पर, उनकी जन्मस्थली उलिहातु में, उनके प्रतिमा को नमन कर प्रारंभ किया गया था. जो साफ़ है कि मौजूदा हेमन्त सत्ता अपने महापुरुषों के सपनों को पूरा करने के लिए, उनके ही पदचिन्हों पर आगे बढ़ चली है. और धरती आबा बिरसा मुंडा की जन्मस्थली को नमन कर मुख्यमंत्री का जनता से कहना कि सरकार आपका अधिकार लेकर आपके द्वारा आयी है, विकास की गठरी भी साथ लाई है. कई मायने में तथ्य की पुष्टि भी करती है. जो गवाह है कि मौजूदा सत्ता विकास के मद्देनजर झारखण्ड की तकदीर नए सिरे से संवारने के लिए सधे क़दमों के साथ आगे बढ़ चली है.

मुख्यमंत्री स्वयं राज्य के सभी प्रमंडलों का दौर कर “आपके …द्वार कार्यक्रम के लिए जनता किया जागरूक 

“आपके अधिकार, आपकी सरकार आपके द्वार” कार्यक्रम में सरकार की नेक नीयत का सच इस रूप में उभरे. जहाँ मुख्यमंत्री स्वयं राज्य के सभी प्रमंडलों का दौर कर जनता को योजनाओं का लाभ लेने के लिए जागरूक करे. जहाँ अधुकारी-पदाधिकारी जनता को योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए कमर कसते दिखे. तो झारखंड की सुनहरे भविष्य के तहत सरकार के मजबूत मंशे की दंभ भरा जा सकता है. ज्ञात हो, कार्यक्रम को इस मायने में भी सफल माना जा सकता है कि राज्य के इतिहास में शायद यह पहला मौका है. जहाँ सरकारी बाबू सही मायने में जनता के बीच पहुंच उनकी समस्याओं का निराकारण किया है. 

कई मामलो में देखा गया है पदाधिकारी द्वारा निसहायों के घर पहुँच उनकी समस्या दूर किया गया हैं. सही मायने में जरुरतमंदों को योजनाओं का लाभ पहुचाया गया है. बड़ी संख्या में सरकार को आवेदन प्राप्त होना और उसी गति में मामलों का निष्पादन होना, न केवल कार्यक्रम की सफलता बयान करती है. जनता के यादों में सुखद स्मृति बन अंकित हो इतिहास रचती दिखती है. और सरकार का यह प्रयास सही मायने में राज्य के महान महापुरुषों-आन्दोलनकारियों के संघर्षों को सुखद अंजाम तक पहुंचाती भी दिखती है.

नोट : “आपके …द्वार” – “आपके अधिकार, आपका सरकार आपके द्वारा”

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