अवाम

अवाम के हित में फैसले लेती हेमंत सत्ता

Spread the love

अवाम के हित में लगार फैसले लेती हेमंत सत्ता ने झारखंड में नयी परंपरा का शुरुआत कर दी है

अलग झारखंड के इतिहास में अधिकांश राज करने वाली सत्ता किसानों के मशीहा बनने का ढोंग रचती तो रही, लेकिन किसान अपने दुर्भाग्य पर रोते रहे। यकीनन झारखंड के बीते चुनाव में प्रमुख विपक्ष झामुमो ने अपनी पार्टी के संघर्षीय इतिहास के अक्स तले किसानों की इसी त्रासदी को एक धारदार हथियार बनाया, तो वहीँ सत्ता ने खामोशी बरतना ही शानदार सियासत माना था। यहाँ तक कि मोदीजी भी किसानों के हालात पर बोलने से बेहतर बाबा रामदेव के साथ योग करना व बोलना बेहतर समझे थे। ऐसे तमाम आम अवाम के मुद्दों के मिज़ाज को समझ हेमंत सोरेन ने तब अपनी राजनीतिक विसात बिछाई थी, जो उन्हें सत्ता तक ले आयी।

लेकिन हेमंत सत्ता ने एलानिया तौर पर राज्य की जनता को अहमियत दे पुरानी राजनीतिक मापदंडों को ध्वस्त करते हुए नयी परंपरा की शुरुआत कर दी हैं। कई तस्वीरें इसकी पुष्टि करती है -जहाँ राज्य के तमाम उपायुक्तों दो टुक कह दिया जाना कि राज के तमाम लंबित भुगतान टेंट लगाकर शीघ्र करें, पहले ग़रीबों को पेंशन फिर डीसी को वेतन। जहाँ धान ख़रीदी मूल्य में 500 रूपए बदौत्री कर 2500 रूपए प्रति क्विंटल कर दिया गया, जिसका प्रत्यक्ष लाभ 1.5 लाख किसानों को मिलना है। 

जहाँ झारखंड में अलग पहचान रखने वाली तसर उद्योग को बढ़ावा देने का न केवल निर्देश दिया गया, बल्कि बेहतर रेशम उत्पादन करने वाले किसानों को सम्मानित भी किया गया। जहाँ स्कूलों के आस-पास चलने वाले शराब दुकानों को चिन्हित कर बंद करने का निर्देश दिया गया। जहाँ बच्चों की तस्करी, बाल श्रम व माइका माइनिंग में लगाए गए बच्चों को छुडाने के लिए अभियान चलाने की नयी पहल हुई। जहाँ राज्य के छात्रों को मुफ्त शिक्षा देने की जैसे नयी सोच की पहल हुई। हेमंत सरकार की राज्य के ग़रीब जनता के प्रति नियत को दर्शाता है।

मसलन, हेमंत सोरेन की कार्य शैली उस परम्परा से शत प्रतिशत मेल खाते हैं, जहाँ झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन आज भी कहते हैं कि अविभाजित बिहार में शोषण तले हमलोग भूखे-नंगे थे। उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर लोगों को संगठित कर अलग झारखंड की रुप रेखा रखी थी। लेकिन आज भी समस्याएं समाप्त नहीं हुई हैं, अशिक्षा व गरीबी समाज में व्याप्त है। जहाँ दिशोम गुरु शिबू सोरेन लगातार अवाम से अपील करते हैं कि अपने बच्चों को शिक्षित करें। जो गलती आप किए हैं, वह अपने बच्चों के साथ न होने दें। 

Check Also

भाजपा

बाबूलाल को लेकर सत्ता के कटघरे में भाजपा खुद आ फंसी है

Spread the love बाबूलाल को लेकर सत्ता के कटघरे में भाजपा खुद आ फंसी है …

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.