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झारखंडी बेरोजगार युवा

झारखंडी बेरोजगार युवा चला रहे हैं जागरूकता अभियान

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2014 में चुनाव जीतने के बाद सरकार कह रही थी कि भारत युवाओं का देश है। यह कयास भी लगाए जा रहे थे कि युवाओं के दम पर भारत 2020 में दुनिया की “आर्थिक महाशक्ति” बना कर उभरेगा। लेकिन जिस युवा पीढ़ी के बल को देखकर रघुवर सरकार ने यह अंदाज़ा लगाया था वही युवा आज मंदी व बेरोज़गारी के कारण आत्महत्या करने को विवश है। वह युवा आज डीग्रि‍याँ लेकर सड़कों पर भटकने के लिए मजबूर है, क्योंकि उसी रघुवर सरकार ने इनके डीग्रि‍यों को कूड़ा करार दे दिया है। जिससे प्रदेश में झारखंडी बेरोजगार युवा की बाढ़ सी देखि जा रही है।  युवा तो युवा आज ग़रीब बच्चों की उम्मीद उनके अधिकांश स्कूलों को भी बंद कर दिया गया है।

रघुवर सरकार की नीतियाँ, शोषण व बुरे बर्ताव से तंग आकर झारखंडी बेरोजगार युवा अब प्रदेश में सरकार के कुनीतियों के विरुद्ध सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जागरूकता अभियान चला सबक सिखाने का अनोखा रास्ता निकाला है। वे अपने पोस्टों में लिखते हैं कि रघुवर दास जी को वोट देने से पहले युवाओं ध्यान रखियेगा… दरोगा की नियुक्ति में अधिकतम उम्र सीमा को 35 साल से घटा कर 25 साल इन्होंने ही किया है, जबकि अन्य राज्यों में 35 ही है इस सरकार ने सरकार पांच वर्षों के कार्यकाल में भी जेपीएससी की छठी परीक्षा पूरा तक नहीं करवाया पायी है इनके शासन में संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा भी पूरा नहीं हो पाया है टेट की केवल एक परीक्षा ही आयोजित हो सका, लेकिन सरकार ने कभी इसकी नियुक्ति प्रक्रिया को पूर्ण करने की जरूरत ही महसूस नहीं की। जो थोड़ी नौकरियां थी भी उसे बाहरियों को दे दिया। 

ना पंचायत सेवकों की नियुक्ति पूर्ण हुई है और न ही ग्रामसेवकों की ही कोई नियुक्तियां पाँच वर्षों में हुई यही नहीं हाई स्कूल नियुक्तियों में, सब्सिडियरी विषयों में भी 50 प्रतिशत की अनिवार्यता इन्होंने ही करवाई है आपके उम्र और कैरियर को तबाह करने वाले कोई और नहीं यही रघुवर सरकार हैं… क्या आप चाहते हैं पाकिस्तान और 370 की आड़ में वो चुनाव लड़े और जीत कर फिर आपके छोटे भाई-भतीजों का कैरियर तबाह करे? सभी प्रतियोगी छात्र आपको क्या यह सूचना मिली कि जो नई ट्रेन तेजस चली है, उसके रिक्रूटमेंट के लिए विज्ञापन कब निकले, एग्जाम कब हुए, कितनी मेरिट गई, सालों से आप तैयारी कर रहे हैं लेकिन आपको परीक्षा में बैठने तक का मौका क्यों नहीं मिला।

मसलन, जिनको यह भ्रम है कि रेल का चालक तो सरकारी ही रहेगा उन्हें मालूम होना चाहिए कि ZRTI उदयपुर में 160 प्राइवेट ALP ट्रेनिंग कर रहे हैं। इसकी वैकेंसी कब आयी, कब रिजल्ट आया, कुछ मत पूछना, क्योंकि तेजस में कौन कब किस आधार पर रख लिया गया, किसी को नहीं पता, यह एक विशेष प्रकार की प्रक्रिया है जिसका आप विरोध भी नहीं कर सकोगे। रघुवर सरकार झूठी घोषणाओं से सीधे-सीधे जनता को दिग्भ्रमित कर रही है। अपने हक के लिए जरूरी है कि सरकार व भाजपा के नेताओं से सवाल पूछिए।

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