Breaking News
Home / News / Jharkhand / अबकी बार घरे दुआर …झारखंडी नारा लगाए
अबकी बार घरे दुआर

अबकी बार घरे दुआर …झारखंडी नारा लगाए

Spread the love

इस बार के चुनाव में दो ही नारे होंगे – अबकी बार घरे दुआर या रघुवर पार 

प्रभाकर…

अगर आपकी जमीन #प्रतिबंधित_सूची में अथवा #लैंड_बैंक में, दोनों में से किसी मे भी है और आप सोचते हैं कि इससे केवल जमीनों की ख़रीद बिक्री से फर्क पड़ेगा और उन्हें बस वही नुकसान होगा तो यकीन मानिए आप बेहद नादान है। प्रतिबंधित और लैंड बैंक में अंकित भूमि अगर केवल ख़रीद बिक्री को प्रभावित करती तो अनदेखी किया जा सकता था लेकिन इसके दुष्परिणाम की कल्पना मात्र ही नीचे से जमीन खिसकाने के लिए काफी है। 

इसे ऐसे समझते हैं, मान लीजिए आप ओबीसी समुदाय से हैं और आपकी जमीन इस लिस्ट में हैं तो अब आपके बाल-बच्चे जाति प्रमाण पत्र (कास्ट सर्टिफ़िकेट) के लिए बस कुहक कर रह जायेंगे, नहीं बन पायेगा। जिस भूखंड पर आप व आपके पुरखों ने अपने अरमान संजोये उस जमीन का अधतन (अपडेटेड) लगान रशीद नहीं होने के चलते न तो जाति प्रमाण पत्र बनेगा और न ही आवासीय प्रमाण पत्र बनेगा… बस आप नारा लगाते रहिये कि फलाना है तो मुमकिन है और अबकि बार घरे दुआर पार.. आदि…

अब मान लीजिए कि उस जमीन पर किसी ने हाउसिंग लोन या अन्य किसी प्रकार का लोन ले रखा है, या फिर भविष्य में लोन लेने की योजना बना रखा है, उन सब पर भी पानी फिर गया, यह मान लें… बैंक आपसे अपडेटेड लगान रशीद मांगेगी जो अब शायद ही आपके हाथ लगे। ऐसे में बैंक आप पर रि-पेमेंट का दबाव बनाएगी और तब आपकी जमीन ट्रान्सफर से प्रतिबंधित कर दी गई है तो ऐसे में बैंक लोन के खराब होने के स्थिति में बैंक कथित गारेंटर से वसूली का प्रयास करेगी, क्योंकि बैंक अब सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले एक अनुसार लोन के मामले में गारेंटर को-बोरोवर मानती है और एनपीए की स्थिति में बिना रियायत के खातों की वसूली उनसे करेगी। इसके पीछे बैंक का तर्क है कि इंट्रोड्यूज़र के गुडविल की वजह से ही लोन दिया गया है।

यही नहीं फर्ज कीजिए आपकी जमीन से होकर कोई सडक बनने वाली हो, रेल लाइन गुजरने वाली हो या फिर कोई स्कूल, कॉलेज, हॉस्पिटल बनना हो तो आपकी जमीन जानी तो तय है पर मुआवज़े में अब आपको फूटी कौड़ी भी नहीं मिलने वाली… और फिर खून पसीने की कमाई से अधिकांश लोगों ने पूँजी के तौर पर जो जमीने ख़रीद रखी है वह तो सारा का सारा अब मिट्टी ही हुआ, यह भी मान ले…

मसलन, एक मोमेंटम झारखण्ड के हाथी उड़ाने के चक्कर में मौजूदा सरकार ने राज्य में जो अफरा-तफरी मचाया है उसके दूरगामी परिणाम बेहद खतरनाक हैं। बस आप नारा लगाते रहिये अबकी बार घरे दुआर…

Check Also

लम्बी चुनाव प्रक्रिया

लम्बी चुनाव प्रक्रिया से झारखंड की व्यवस्था चरमराई 

Spread the loveझारखंड में पाँच चरणों में विधानसभा चुनाव संपन्न कराये जाने हैं, मुख्यमंत्री जी …

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.