Breaking News
Home / News / Jharkhand / आशीर्वाद यात्रा के मंचो से मुख्यमंत्री को बताना चाहिए कि कंबल घोटाले का क्या हुआ ?
आशीर्वाद यात्रा

आशीर्वाद यात्रा के मंचो से मुख्यमंत्री को बताना चाहिए कि कंबल घोटाले का क्या हुआ ?

Spread the love

झारखंड की रघुवर सरकार इन दिनों झारखंड आशीर्वाद यात्रा के रूप में अपने नात्सी पिता गोयबल्स के तरीके अपना रही हैं। हिटलर के प्रचारक गोयबल्स ने कभी कहा था कि एक झूठ को सौ बार दुहराने से वह सच बन जाता है। ख़ास तौर पर तब, जब जनता के हालात बदतर हो गये हों, वह महँगाई, बेरोज़गारी, ग़रीबी, कुपोषण और बेघरी से बेहाल हों, ऐसे वक़्त में वे अक्सर फासीवादियों के झूठों को सच मानने की भूल कर बैठती है। इसी के आड़ में ये मदारी अपने घपले घोटाले को छुपाते हुए नैतिकता, सदाचार, मज़बूत नेतृत्व का ढोल बजा उन्हें भरमाने का प्रयास करते हैं यही काम मुख्यमंत्री जी अपनी सरकार के रिपोर्ट कार्ड पेश करने के नाम पर आशीर्वाद यात्रा के दौरान करते दिख रहे हैं 

आप जनता के स्मृतियों से अब तक झारखंड में हुए बहुचर्चित कंबल घोटाले कि स्मृति मिटी नहीं होगी। सीएजी ने अपने रिपोर्ट में कहा था कि इस सरकार में ऐसे ट्रकों से धागे ‘ढोए’ गए थे, जो तकरीबन 250 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ते थे। लेकिन सरकार ने यह अब तक नहीं बताया कि वे किस कंपनी के ट्रक थे और उसमे किस तकनीक के इंजन लगाए गए थे। झारखंड के सिल्क व हस्तशिल्प उत्पादों को देश-विदेश में स्थान दिलाने के उद्देश्य से बनी संस्था, झारक्राफ्ट में इतन बड़ा घोटाला आखिर सरकार के नाक के नीचे हो कैसे गया। संस्था की सीईओ रेणु गोपीनाथ पणिक्कर पद से इस्तीफ़ा दे आसानी से चली गयी, लेकिन सरकार का इस प्रकार चुप्पी साधे रखना कई विवादों को जन्म  दिया है। 

इस कंबल घोटाले का पूरा खेल तब सामने आया था, जब एजी ने अपने रिपोर्ट में कंबल वितरण में हुए बड़ी अनियमितता उजागर करते हुए कहा था कि झारक्राफ्ट के अधिकारियों ने एसएचजी और बुनकर सहयोग समितियों के साथ मिलकर कंबल बनाने के नाम पर करोड़ों का बड़ा घोटाला किया है महालेखाकार ने अपनी रिपोर्ट में इस बात का भी खुलासा किया था कि बगैर कंबल बने ही झारक्राफ्ट ने कंबल का वितरण कर के दिखा दिया है, जो कि बड़े पैमाने पर घोटाले को अंजाम दिया दर्शाता है

मसलन, रघुवर जी ने अब तक तो इस मामले में चुपी साध रखी है, लेकिन इस प्रकरण का खुलासा करने के लिए आशीर्वाद यात्रा के मंचो से उत्तम और क्या हो सकता है। उन्हें जनता को बताना चाहिए कि इस घोटाले की जांच का क्या हुआ? उन्हें बताना चाहिए कि सहकारी समितियों के बुनकर और एसएचजी ने अपनी क्षमता से कई गुना अधिक कंबल कैसे बुना? जब उस संस्था के पास कंबल बुनने के लिए करधा या लूम थे ही नहीं, बिना ऊनी धागा और कच्चे माल के उन्होंने यह कमाल कैसे कर दिखाया? कंबल वितरण करने वाली एक ही गाड़ियाँ एक ही समय में दो अलग-अलग दिशाओं कैसे चल रहे थे? साथ ही ये वाहन 24 घंटे में तीन हजार किमी की यात्रा कैसे कर रहे थे? साथ ही सीईओ रेणु गोपीनाथ पन्निकर को सरकार ऐसे कैसे छोड़ दिया और वह मानहानी का मामला दर्ज कराने की बात कह किसे धमकी दे रही थी?

Check Also

क़ानून

क़ानून व्यवस्था ठीक है – साहेब ने इधर कहा और उधर अपराधियों ने दो को मारी गोली

Spread the loveझारखंड राज्य की फासीवादी सरकार ने अपनी नीतियों से सामाजिक ताने-बाने में जनवादी …

कोल्हान

कोल्हान ने क्यों रघुवर दास जी को नकारा

Spread the loveकोल्हान में साहेब को नहीं मिला आशीर्वाद!  समय का पहिया लगातार अविराम गति …

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.