Breaking News
Home / News / Jharkhand / नगर विकास मंत्री ने राज्य की राजधानी को नर्क बना दिया है : हेमंत सोरेन 
नगर विकास मंत्री ने राँची को नरक बना दिया

नगर विकास मंत्री ने राज्य की राजधानी को नर्क बना दिया है : हेमंत सोरेन 

Spread the love

नगर विकास मंत्री पूरी तरह विफल 

नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन का कहना है कि नगर विकास मंत्री ने राज्य की राजधानी की स्थिति नर्क सरीखे बना दिया हैश्री सोरेन का कहना है कि उन्होंने हरमू नदी के विकास के लिए 80 करोड़ दिये थे, हरमू नदी को नाले में तब्दील कर दिया गयाफण्ड का क्या हुआ किसी को पता नहीं हैइनके विभाग में केवल ठेका-पट्टा हो रहा है सीवरेज-ड्रेनेज के नाम पर खुला खेल हाे रहा है, पैसे कहां जा रहे है, सबको पता है, लेकिन सभी ने आखें मूंदे रखी हैं आगे उन्होंने कहा कि राज्य में सड़क-बिजली की स्थिति लचर है मुख्यमंत्री जी प्राइवेट पुलिस की भूमिका में ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए खुद डंडा लेकर निकले थे, लेकिन कुछ परिणाम नहीं निकला राजधानी तक की व्यवस्था नहीं सुधार पाए इसी से आंकलन कर सकते हैं कि दूसरे शहरों की स्थिति क्या होगी

उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि इस सरकार के विकास का पैमाना केवल कागजी है राज्य में आपराधिक घटनाएँ बढ़ी हैं, छिनतई, हत्या और सामूहिक दुष्कर्म तकरीबन रोज ही हो रहे हैं जिससे सरकार बेनकाब हो गयी है झारखंड सिटीजन के विष्णु राजगढ़िया का मानना है कि वर्ष 2000 में ही बने छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर सुनियोजित विकास की तुलना भी रांची को मायूस करती हैयदि प्रथम मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी की ग्रेटर रांची की परिकल्पना पर काम होता तो यह संकट नहीं दिखता बिल्डिंग बाय-लॉज़ की खामियों का लाभ उठाकर संकरी गलियों में बड़ी इमारतें खड़ी हों रही हैंराजधानी में उपलब्ध खाली सरकारी जमीनों का उपयोग पार्क, पार्किंग, खेल के मैदान, सार्वजनिक शौचालय, जल संरक्षण इत्यादि के लिए उपयोग में ना लाकर मार्केट बनाने की व्यावसायिक प्रवृत्ति हावी की जा रही है 

डिस्टिलरी पुल, जयपाल सिंह स्टेडियम, रवींद्र भवन, पुरानी जेल, बारी पार्क, मोरहाबादी मैदान इत्यादि स्थानों पर अंधाधुंध निर्माण ने पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया है सीवरेज-ड्रेनेज और रिंग रोड जैसी महत्वाकांक्षी योजना की दुर्गति सबके सामने हैराज्य सरकार पहले ही अपने कार्य प्रणाली से सीवरेज-ड्रेनेज का 688 करोड़ रुपये गंवा चुकी है। यदि फिलहाल भी जारी सीवरेज-ड्रेनेज का काम समय पर पूरा नहीं हुआ तो निश्चित ही फंड की समस्या पैदा हो सकती है। मसलन, यदि सरकार अभी भी चुनावी मोड से बाहर न निकली तो राज्य में एक साथ कई समस्याएं मुंह बाएं खड़ी हो जायेगी। 

Check Also

अटल क्लिनिक

अटल क्लिनिक सुबह खुली शाम को बंद, सरकारी अस्पतालों की हालत बदतर  

Spread the loveअटल क्लिनिक पहले दिन हुई बेपटरी झारखण्ड के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स समेत …

बेरोज़गार होने डर से झारखंडी युवा ने आत्म्हात्या की

बेरोज़गार होने की आशंका में भाजपा नेता के बेटे ने की आत्महत्या 

Spread the loveसरकार के आंकड़े बताते हैं कि 2014 से लेकर अब तक देश में …

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.