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सदर अस्पताल मरीज को बचाने में विफल, तो रिम्स में रात को डॉक्टर नदारद  

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जिले के सदर अस्पताल मरीज को बचाने में विफल, तो राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स में रात को डॉक्टर नदारद, मरीज़ बेहाल ! 

यहाँ मरीज़ों की भरमार है मगर दवाओं का अकाल है

पर्चियाँ लेकर घूमते लोग हैं यह शहर का सरकारी अस्पताल है

यहाँ मरीज़ों को मुफ्त इलाज के लिए बुलाया जाता है

बाद में दवाओं के अभाव का रोना रोते हुए 

डाक्टर अपने क्लिनिक का पता देते हैं

बताया जाता है कि सतगांवा थाना क्षेत्र के अंतर्गत समयडीह में एक बच्ची संटी कुमारी की मौत तेज  बुखार से हो गई। जानकारी अनुसार बच्ची तेज बुखार से पीड़ित थी, जिसे मंगलवार की सुबह 4 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था, जहां प्राथमिक उपचार के अंतर्गत उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए जिले के सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। लेकिन सदर अस्पताल के बड़े डॉक्टर भी उसे नहीं बचा पाए। इस संबंध में डाॅ. पंकज कर्मकार ने बताया कि बच्ची को लूज मोशन, डीहाइड्रेशन व बुखार था। वहीं दूसरी तरफ रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि राजधानी के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स में रात काे वार्डों से डॉक्टरों के ग़ायब रहने व नर्सों के सोये रहने की वजह से मारपीट व हंगामा हो रहा है। 

रिम्स में दो-तीन दिनों से पुलिस द्वारा किये जा रहे सर्वे में यह बात निकलकर सामने आई है कि रात के समय वार्ड में कोई भी डॉक्टर नहीं होते और नर्सें सोई रहती हैं। रात में मरीजों के सीरियस होने पर परिजनों को दौड़कर इमरजेंसी में जाना पड़ता है। इस संबंध में सदर डीएसपी ने रिपोर्ट रिम्स निदेशक डॉ. दिनेश कुमार सिंह को सौंप दी है। इसके बाद निदेशक ने सोमवार को विभागाध्यक्षों की एक बैठक बुलाई जिसमे यह बात सामने आयी कि अगर रात में डॉक्टर और नर्स की ड्यूटी सुनिश्चित करा दी जाए तो मारपीट व हो-हंगामें रुक जायेंगे। साथ ही यह बात भी सामने आयी कि रात में न्यूरो विभाग में डॉक्टर व नर्स मौजूद न होने के कारण एक मरीज की मौत हो गई। उसके परिजनों ने सुबह वार्ड से मृत शरीर ले जाने से यह कहते हुए इंकार कर दिया कि पहले प्रबंधन के अधिकारी बताएं कि आखिर रात में डॉक्टर व नर्स क्यों नहीं थे। 

मसलन, राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र की स्थिति यह है कि जहाँ जिले के सदर अस्पताल के डॉक्टर बुखार से पीड़ित बच्ची तक को बचाने में अक्षम हैं, वहीँ दूसरी ओर राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स से रात में डॉक्टर और नर्सें गायब रहते हैं। जबकि सरकार दावे कर रही है कि वे चुनावी मोड में है!    

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