Breaking News
Home / News / Jharkhand / चौकीदार ने जाते-जाते अडानी द्वारा झारखंड को लूटवा दिया
चौकीदार

चौकीदार ने जाते-जाते अडानी द्वारा झारखंड को लूटवा दिया

Spread the love

जाते-जाते चौकीदार ने अपने यार अडानी को झारखंड लूटने के लिए दिया 

देश में शिक्षा, रोज़गार, कपड़ा, मकान, साफ़ हवा के मुद्दों को गोल कर झूठे राष्ट्रवाद व हवाई विकास का ढोल पीटने और भारी शब्दावली वाली नीतियों के ओंट तले, आत्ममोह से भरे चौकीदार ने चुनावी तारीखों की घोषणा के ठीक पहले, 25 फरवरी को झारखंड के गोड्डा अदानी पॉवर परियोजना को एक विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) का दर्जा प्रदान कर दिया। जिससे लाभ पाने की दृष्टि से वह भारत में पहली स्टैंडअलोन बिजली परियोजना बनने वाली कंपनी बन गयी। इसके लिए, वाणिज्य मंत्रालय ने आनन-फानन में विशेष आर्थिक क्षेत्र घोषित करने में आसानी के लिए बिजली से संबंधित दिशा-निर्देशों में संशोधन तक किया – जिसमें विशेष आर्थिक क्षेत्रों के निर्यातकों के लिए शुल्क-छूट, कर छूट व अतिशीघ्र मंजूरी के रास्ते शामिल हैं।

मोदी सरकार द्वारा अडानी परियोजना को एसईजेड (SEZ) का दर्जा दिए जाने के फैसले से स्वच्छ ऊर्जा उप-कर में, कंपनी को अरबों रुपए का टैक्स बचाने में मदद करेगी, जो कि लगभग 32 करोड़ सालाना होगा। इसके अलावा, संशोधित दिशा-निर्देशों के अनुसार यह कंपनी झारखंड में उत्पादित सभी बिजली का निर्यात कर सकेगा, मतलब झारखंड को हिस्से के नाम पर अब बिजली के बजाय मिलेगा ठेंगा। ज्ञात रहे कि झारखंड की ऊर्जा नीति के अनुसार झारखंड में उत्पादन करने वाले सभी बिजली परियोजनाओं को स्थानीय स्तर पर 25% बिजली की आपूर्ति करना आवश्यक होता था। लेकिन भाजपा की सरकार 2016 में ऊर्जा नीति में संशोधन कर अडानी को इस परियोजना से बिजली के लिए उच्च कीमत वसूलने की अनुमति पहले ही प्रदान कर चुकी थी। ऐसे में अब झारखंड को अपना हिस्सा मिलना पूरी तरह से नामुमकिन हो गया है।

बोर्ड मीटिंग्स के मिनट्स के अनुसार 28 दिसंबर, 2018 को वाणिज्य मंत्रालय ने संशोधन कर 9 जनवरी, 2019 को एसईजेड (SEZ) के लिए बोर्ड द्वारा मंजूरी दे दी और वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु ने इस पर विचार करने का निर्देश पारित कर किया। लगभग डेढ़ महीने बाद, 25 फरवरी को, झारखंडी सत्ता ने अडानी के सेक्टर-विशेष सेज (SEZ) के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इसमें यह तक जिक्र नहीं है कि इस पूरे प्रकरण में दुबारा राज्य से कोई सिफारिश या बोर्ड द्वारा कोई विचार मांगे गए हों। मसलन, मोदी-रघुबर सरकार ने जाते-जाते भी अपने चहेते पूंजीपति दोस्त से वायदा निभाया और सभी नियम शर्त ताक पर रखते हुए दोनों चौकीदारों ने झारखंड को खुले आम लूटा दिया।

  • 357
    Shares

Check Also

महा बदलाव रैली

महा बदलाव रैली को जनता ने मेघदूत को धोबी पछाड़ दे सफल बनाया 

Spread the love19 अक्टूबर को झारखंड की राजधानी राँची का पूरा दिन थम जाना-ठहर जाना,  …

क़ानून

क़ानून व्यवस्था ठीक है – साहेब ने इधर कहा और उधर अपराधियों ने दो को मारी गोली

Spread the loveझारखंड राज्य की फासीवादी सरकार ने अपनी नीतियों से सामाजिक ताने-बाने में जनवादी …

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.