Breaking News
Home / News / Jharkhand / कुपोषित बच्चों के मिडडे मील थाली से रघुबर सरकार ने चुराए अंडे
झारखंड के कुपोषित बच्चों के मिडडे मील थाली

कुपोषित बच्चों के मिडडे मील थाली से रघुबर सरकार ने चुराए अंडे

Spread the love

झारखंड के कुपोषित बच्चों के मिडडे मील थाली से साप्ताहिक मिलने वाले तीन अण्डों में से एक कम किया  

एक तरफ देश के प्रधानमंत्री महोदय वृंदावन पहुँच बच्चों को मिडडे मील के तहत छप्पनभोग अपने हाथों से खिला मीडिया के माध्यम से देश को यह सन्देश देना चाह रहे हैं, परन्तु वहीं देश बच्चों के थाली से लगातार कैलोरी के साथ-साथ प्रोटीन भी कम होते जा रहे है। मतलब साफ़ है कि से यह प्रेम केवल चुनावी फसल काटने की तैयारी भर है।

वहीं दूसरी तरफ झारखंड भाजपा के राम भक्त हनुमान रघुबर दास ने बच्चों के मिडडे मील के थाली से साप्ताहिक मिलने वाले तीन में से एक अंडा चुरा लिया है। साफ़ कहा है कि प्रति दिन बच्चों को अंडा खिलाना सरकार को “महँगा” पड़ रहा है। क्या विडंबना है, अपने कॉर्पोरेट मित्रों को औने पौने दाम पर यहाँ के खनिज संपदाओं के साथ साथ जंगल तक को बेचना इस रघुबर सरकार को “महँगा” नहीं लगता, लेकिन बच्चों को पोषण युक्त भोजन मुहैया करना महँगा पड़ रहा है।

ज्ञात हो कि इसी सरकार के शासनकाल में झारखंड देश के मानचित्र पर सबसे कुपोषित राज्यों की सूचि में शुमार हुआ। आंकड़ों चीख चीख बताते हैं कि झारखंड में  कुल 62 प्रतिशत बच्चे कुपोषण के शिकार हैं। कुल कुपोषित बच्चों में 47 प्रतिशत बच्चों में उम्र की अनुपात में औसत से कम लंबाई पाई गई है जो कि कुपोषण की वजह से शरीर पर पड़ने वाले कई स्थाई प्रभावों में से एक है।

जबकि मिडडे मील योजना का लक्ष्य बच्चों के लिए ज़रूरी कैलोरी के एक तिहाई हिस्से व ज़रूरी प्रोटीन के 50 प्रतिशत  हिस्से की आपूर्ति सुनिश्चित करना था। अंडे में मौजूद एल्ब्यूमिन प्रोटीन, “प्रोटीन ऊर्जा कुपोषण” से पीड़ित बच्चों के लिए गुणात्मक रूप से प्रोटीन का सर्वोत्तम स्रोत है। ऐसे में रोज़ाना मिडडे मील की थाली में हर बच्चे को एक अंडा सुनिश्चित करके कुपोषण के इन भयानक आंकड़ों में कई गुना तक सुधार लाया जा सकता है।

बहरहाल, झारखंड की सरकार के लिए खनिज व प्राकृतिक संपदाओं को चवन्नी के भाव कॉर्पोरेट घरानों को बेचना कभी भी “महँगा” सौदा महसूस नहीं हुआ। लेकिन 7 फीसदी की दर से “विकास” का दावा ठोंकने वाले रघुबर दास अपने “विकास” का एक छोटा सा हिस्सा राज्य में इस विकराल मुंह बाए खड़े कुपोषण के खिलाफ लड़ने हेतु खर्चने को तैयार क्यों नहीं है।

  • 65
    Shares

Check Also

साहेब द्वारा उतरवाए गए काले रंग के दुपट्टे एवं अन्य कपड़े

काले रंग से साहब को इतना खौफ कि जांच में उतरवाए स्त्रियों के दुपट्टे

Spread the loveभगवाधारियों में काले रंग का खौफ  जैसे-जैसे झारखंड की रघुबर सरकार को लगने …

सदन को लोकतंत्र का मंदिर मानने वालों ने ही की विधानसभा निर्माण में गड़बड़ी

सदन को लोकतंत्र का मंदिर मानने वालों ने ही की विधानसभा निर्माण में गड़बड़ी

Spread the loveसदन को लोकतंत्र का मंदिर मान शीश नवाने वालों ने ही की विधानसभा …

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: